अब स्कूलों में बजेगी 'वॉटर बेल', बक्सर में भीषण गर्मी के बीच बच्चों को राहत ..

साफ कर दिया है कि अगर किसी स्कूल या शिक्षक ने बच्चों को क्लास के बीच में पानी पीने या टॉयलेट जाने से रोका, तो उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

 





                               


  • 11:30 बजे के बाद पढ़ाई पर लगी रोक, आदेश न मानने वाले स्कूलों और शिक्षकों पर होगी सख्त कार्रवाई
  • हर पीरियड से पहले पीना होगा पानी, ओआरएस (ORS) और पंखों की व्यवस्था दुरुस्त रखने का कड़ा निर्देश

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : बिहार में सूरज के कड़े तेवर और आसमान से बरसती आग को देखते हुए बक्सर जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और अनोखा फैसला लिया है. जिला दण्डाधिकारी के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने जिले के सभी सरकारी, प्राइवेट स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग संस्थानों में सुबह 11:30 बजे के बाद आठवीं कक्षा तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी है. बच्चों को लू और डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) से बचाने के लिए अब बक्सर के स्कूलों में एक खास 'वॉटर बेल' (Water Bell) का कांसेप्ट लागू किया जा रहा है.

घंटी बजते ही पीना होगा पानी, मनमानी करने वाले शिक्षकों की खैर नहीं

नए सरकारी आदेश के मुताबिक, अब जिले के स्कूलों में हर कक्षा (पीरियड) शुरू होने से पहले एक से दो मिनट के लिए विशेष 'वॉटर बेल' बजाई जाएगी. इस दौरान सभी बच्चों को पानी पीना अनिवार्य होगा. जिला शिक्षा कार्यालय ने साफ कर दिया है कि अगर किसी स्कूल या शिक्षक ने बच्चों को क्लास के बीच में पानी पीने या टॉयलेट जाने से रोका, तो उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

11:30 बजे से पहले खत्म होगा मिड-डे मील और स्कूल वैन का सफर

बक्सर जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि:

  • समय सीमा: सुबह 11:30 बजे से पहले स्कूल की सभी गतिविधियां समाप्त कर बच्चों को घर के लिए रवाना करना होगा.

  • मिड-डे मील: सरकारी स्कूलों में दोपहर का भोजन (मध्याह्न भोजन) भी हर हाल में 11:30 बजे से पहले परोस कर खत्म कर लिया जाएगा.

  • स्कूल वैन की जिम्मेदारी: जिन प्राइवेट स्कूलों में बस या वैन चलती है, उन्हें 11:30 बजे से पहले हर हाल में परिसर छोड़ना होगा. साथ ही गाड़ियों में पीने का पानी और ओआरएस (ORS) के पैकेट रखना अनिवार्य होगा.

प्रार्थना सभा अब धूप में नहीं, क्लासरूम में चमकेगा पंखा

प्रशासन ने आदेश दिया है कि भीषण गर्मी को देखते हुए अब स्कूलों की प्रार्थना सभा (चेतना सत्र) खुले मैदान में धूप के नीचे नहीं होगी. इसे किसी बरामदे या कमरे में कराया जाएगा, ताकि बच्चे गर्म हवा के थपेड़ों से बच सकें. इसके अलावा सभी स्कूलों को निर्बाध बिजली आपूर्ति, पर्याप्त पंखों की व्यवस्था और ओआरएस पाउडर का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को क्षेत्र में लगातार घूमकर इस आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.














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