कैबिनेट की मंजूरी से खुला रास्ता, जेल परिसर से बाहर आएगा भगवान वामन मंदिर. श्रद्धालुओं में खुशी की लहर ..

भगवान वामन मंदिर को जेल परिसर से अलग किए जाने के प्रस्ताव पर बिहार कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही बक्सर में खुशी की लहर दौड़ गई. निर्णय की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु वामन मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान वामन के जयघोष के साथ अपनी खुशी का इजहार किया. 





                              


  • -सदर विधायक आनंद मिश्र बोले- दशकों पुरानी आस्था और जनभावना का हुआ सम्मान
  • -भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भुवन ने कहा- यह बक्सर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए ऐतिहासिक निर्णय

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : केंद्रीय कारा परिसर में स्थित भगवान वामन मंदिर को जेल परिसर से अलग किए जाने के प्रस्ताव पर बिहार कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही बक्सर में खुशी की लहर दौड़ गई. निर्णय की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु वामन मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान वामन के जयघोष के साथ अपनी खुशी का इजहार किया. मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला.

जानकारी मिलते ही सदर विधायक आनंद मिश्र, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भुवन सहित भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता मंदिर पहुंचे. सभी ने भगवान वामन की पूजा-अर्चना कर निर्णय का स्वागत किया. मंदिर परिसर "भगवान वामन की जय" के उद्घोष से गूंज उठा.

दशकों पुरानी मांग हुई पूरी

सदर विधायक आनंद मिश्र ने कहा, "भगवान वामन मंदिर को जेल परिसर से बाहर लाने की मांग दशकों से की जा रही थी. बिहार सरकार द्वारा इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलना बक्सर की आस्था और जनभावना का सम्मान है. मेरे लिए यह अत्यंत सुखद और भावुक क्षण है कि जब यह ऐतिहासिक निर्णय हुआ, तब मुझे बक्सर की जनता का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है. इसके लिए मैं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार सरकार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं."

बक्सर की आस्था की जीत

भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भुवन ने कहा, "यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि बक्सर की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के सम्मान का ऐतिहासिक फैसला है. अब श्रद्धालुओं को भगवान वामन के दर्शन और पूजा-अर्चना में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी. इसके लिए बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बधाई के पात्र हैं."

मंदिर को मिलेगी अलग पहचान

सरकारी निर्णय के अनुसार भगवान वामन मंदिर के लिए आवंटित करीब 1 एकड़ 90 डिसमिल भूमि को सुरक्षित रखते हुए 14 फीट ऊंची चारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा. इसके बाद मंदिर केंद्रीय कारा परिसर से पूरी तरह अलग हो जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए स्वतंत्र एवं सुगम प्रवेश व्यवस्था विकसित की जाएगी. इससे मंदिर के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा और श्रद्धालुओं को पहले से बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.

भाई जी मिश्र ने बताया ऐतिहासिक क्षण

वामन ग्लोबल फाउंडेशन के प्रेम कुमार मिश्र उर्फ भाई जी मिश्र ने कहा कि यह निर्णय करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की जीत है. वर्षों से भगवान वामन मंदिर को जेल परिसर से अलग करने की मांग उठती रही है. सरकार के इस फैसले से अब मंदिर का भव्य विकास संभव होगा और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधाएं मिलेंगी.

दीपक सिंह ने जताया हर्ष

भाजपा नेता दीपक सिंह ने कहा कि भगवान वामन मंदिर केवल बक्सर ही नहीं बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. कैबिनेट का यह फैसला ऐतिहासिक है और आने वाले समय में बक्सर की धार्मिक पर्यटन पहचान को नई ऊंचाई देगा.

वामन चेतना मंच ने किया स्वागत

वामन चेतना मंच के जिलाध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यह निर्णय लंबे जनसंघर्ष और जनभावना का परिणाम है. मंदिर को जेल परिसर से अलग करने की मांग वर्षों से उठाई जा रही थी. सरकार ने श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं. उनके साथ ही प्रमोद चौबे,  प्रकाश पाण्डेय, वर्षा पांडेय आदि ने भी हर्ष व्यक्त किया.

भगवान वामन के अवतरण की पौराणिक कथा

सनातन परंपरा के अनुसार भगवान वामन, भगवान विष्णु के पांचवें अवतार माने जाते हैं. पौराणिक मान्यता है कि जब दैत्यराज महाबलि ने तीनों लोकों पर अधिकार स्थापित कर लिया, तब भगवान विष्णु ने महर्षि कश्यप और माता अदिति के पुत्र के रूप में वामन अवतार धारण किया. बाल ब्राह्मण के रूप में उन्होंने राजा बलि से तीन पग भूमि दान में मांगी. दान स्वीकार होने के बाद भगवान ने विराट त्रिविक्रम रूप धारण कर पहले पग में पृथ्वी, दूसरे पग में स्वर्ग को नाप लिया. तीसरे पग के लिए स्थान नहीं बचने पर राजा बलि ने अपना सिर अर्पित कर दिया. भगवान ने तीसरा पग उसके सिर पर रखकर उसके अहंकार का अंत किया और उसे पाताल लोक का अधिपति बनने का वरदान दिया. वामन अवतार को धर्म, विनम्रता और सत्य के संरक्षण का प्रतीक माना जाता है.

श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

इस अवसर पर केंद्रीय कारा अधीक्षक ज्ञानिता गौरव, भाजपा नेता पुनीत सिंह, वामन ग्लोबल फाउंडेशन के भाई जी मिश्र उर्फ प्रेम कुमार मिश्र, दीपक सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता, कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे.

मुख्यमंत्री ने दी थी निर्णय की जानकारी

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में बक्सर स्थित केंद्रीय कारा परिसर में अवस्थित भगवान वामन मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं के लिए सुगम प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. निर्णय के तहत मंदिर परिसर से संबंधित भूमि को सुरक्षित रखते हुए चारदीवारी एवं आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि मंदिर के समुचित विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके. इससे आने वाले समय में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और बक्सर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल भगवान वामन मंदिर का विकास नई गति से हो सकेगा.यदि तीनों व्यक्तियों के वास्तविक बयान उपलब्ध हों, तो मैं उनके स्थान पर शब्दशः उद्धरण जोड़कर खबर को और अधिक प्रामाणिक बना सकता हूं.













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