बताया कि यात्रा में शामिल श्रद्धालु 'जहां-जहां चरण पड़े रघुवर के' की भावना के साथ उन सभी प्रमुख स्थानों से होकर गुजरते हैं, जहां भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और महर्षि विश्वामित्र ने विश्राम किया था.
- गोलंबर स्थित हनुमान मंदिर में विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों ने किया अभिनंदन.
- रामरेखा घाट, चरित्रवन और अन्य पौराणिक स्थलों का दर्शन कर दिया सांस्कृतिक संरक्षण का संदेश.
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : भगवान श्रीराम की ऐतिहासिक यात्रा का स्मरण कराते हुए निकाली जाने वाली वार्षिक 'रघुभूमि से तपोभूमि तक' यात्रा बुधवार को बक्सर धाम पहुंची. राम झांकी के साथ सुबह करीब 9 बजे गोलंबर स्थित श्री हनुमान मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने यात्रा का उत्साहपूर्ण एवं पारंपरिक तरीके से स्वागत किया. पूरे परिसर में जय श्रीराम के उद्घोष गूंजते रहे और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला.
यात्रा का स्वागत विश्व हिन्दू परिषद के बक्सर नगर अध्यक्ष एवं जिला सह उपाध्यक्ष अरविन्द सिंह के नेतृत्व में किया गया. इस अवसर पर कन्हैया पाठक, सिद्धनाथ मिश्रा, ईश्वर दयाल, राजेंद्र पाण्डेय, संजय सिंह, टिंकू सिंह, आर.पी. सिंह, विकास मिश्रा सहित अनेक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु मौजूद रहे. राम, लक्ष्मण और महर्षि विश्वामित्र की आकर्षक झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही तथा श्रद्धालुओं ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया.
बिहार में इस यात्रा के संयोजक एवं यात्रा प्रमुख तथा रामायण सर्किट सदस्य जगदीश चन्द्र पाण्डेय 'विद्यार्थी' ने बताया कि यह यात्रा प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर लोक दायित्व के संयोजक पवन सिंह, आजमगढ़ के मार्गदर्शन में आयोजित की जाती है. यात्रा का उद्देश्य भगवान श्रीराम द्वारा महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा के लिए अयोध्या से सिद्धाश्रम (बक्सर) तक तय किए गए मार्ग को जनमानस के सामने जीवंत रखना तथा उससे जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है.
उन्होंने बताया कि यात्रा में शामिल श्रद्धालु 'जहां-जहां चरण पड़े रघुवर के' की भावना के साथ उन सभी प्रमुख स्थानों से होकर गुजरते हैं, जहां भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और महर्षि विश्वामित्र ने विश्राम किया था. अयोध्या धाम से आरंभ हुई यह यात्रा विभिन्न धार्मिक पड़ावों से गुजरते हुए बक्सर पहुंचती है और लोगों को अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करती है.
बक्सर पहुंचने के बाद यात्रा गोलंबर से बाईपास मार्ग होते हुए किला मैदान पहुंची. वहां वाहनों को पार्क करने के बाद श्रद्धालु रामरेखा घाट पहुंचे, जहां गंगा का दर्शन एवं पूजन किया गया. इसके बाद राम चबूतरा-चरित्रवन, संगमेश्वर नाथ (गंगा-ठोरा संगम स्थल) तथा वामन अवतार स्थल सहित अनेक पौराणिक स्थलों का दर्शन-पूजन किया गया. सभी धार्मिक कार्यक्रमों के उपरांत यात्रा पुनः गोलंबर स्थित हनुमान मंदिर लौटी. यहां भोजन एवं विश्राम के बाद श्रद्धालु अयोध्या धाम के लिए रवाना हो गए. यात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और समाज में जन-जागरण का संदेश भी दिया.





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