मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने संबंधित विभाग के तीन अभियंताओं को निलंबित कर दिया, जबकि निर्माण एजेंसी की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है.

- रेलवे क्रॉसिंग बंद रहने से ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और दैनिक यात्रियों की परेशानी बरकरार
- कम से कम तीन महीने और करना पड़ सकता है इंतजार, धंसने के बाद सामने आई निर्माण की गंभीर खामियां
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : नगर की बहुप्रतीक्षित बक्सर-बरुणा रोड ओवरब्रिज (आरओबी) परियोजना अब निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवालों के बीच चर्चा का विषय बन गई है. करीब 26.40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पुल के उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद धंसने के बाद अब कई एक्सपेंशन जॉइंट के समीप पुल के हिस्सों को तोड़कर दोबारा बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. पुल के विभिन्न हिस्सों में सामने आई तकनीकी खामियों के कारण यह स्पष्ट हो गया है कि केवल मरम्मत से काम नहीं चलेगा, बल्कि कई हिस्सों का पुनर्निर्माण करना पड़ेगा. इससे शहरवासियों को राहत मिलने में अभी लंबा समय लग सकता है.
बीते 31 मई को बड़े उत्साह के साथ यातायात के लिए खोले गए आरओबी का पिलर संख्या पांच के समीप का हिस्सा महज 15 दिनों के भीतर धंस गया. पुल की सतह में दरारें और मिट्टी धंसने की तस्वीरें सामने आते ही निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे. मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने संबंधित विभाग के तीन अभियंताओं को निलंबित कर दिया, जबकि निर्माण एजेंसी की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है.
कई एक्सपेंशन जॉइंट के पास तोड़फोड़ के बाद होगा नया निर्माण
वर्तमान में पुल पर बड़े पैमाने पर मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कई एक्सपेंशन जॉइंट के समीप पुल के हिस्सों को तोड़कर दोबारा बनाया जा रहा है. अब तक करीब चार प्रमुख स्थानों पर कंक्रीट और अन्य निर्माण सामग्री हटाई जा चुकी है. तकनीकी टीम अन्य हिस्सों का भी लगातार निरीक्षण कर रही है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की संरचनात्मक समस्या न रहे. निर्माण कार्य से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिन स्थानों पर इंजीनियरिंग संबंधी गंभीर खामियां मिली हैं, वहां पूरी संरचना को नए सिरे से तैयार किया जाएगा.
इटाढ़ी रोड के लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ीं
सामाजिक कर्यकर्ता प्रकाश पाण्डेय बताते हैं कि पुल बंद होने का सबसे अधिक असर इटाढ़ी रोड से आने-जाने वाले ग्रामीणों, दैनिक यात्रियों और स्कूली बच्चों पर पड़ा है. आरओबी चालू होने के बाद इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग बंद कर दी गई थी. अब पुल भी बंद है, जिससे लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है. स्कूल बसों का संचालन प्रभावित हुआ है और ईंधन व समय दोनों की अतिरिक्त खपत हो रही है. उनका कहना है कि यदि पुल का उद्घाटन पूरी तकनीकी जांच के बाद किया गया होता तो आज ऐसी स्थिति नहीं बनती.
तीन महीने और करना पड़ सकता है इंतजार
निर्माण कार्य से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जिन हिस्सों को तोड़कर दोबारा बनाया जा रहा है, उन्हें पूरी तरह तैयार करने और सुरक्षा मानकों के अनुरूप जांच पूरी होने में कम से कम तीन महीने का समय लग सकता है. हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक समय-सीमा घोषित नहीं की गई है. ऐसे में शहरवासियों को उम्मीद है कि इस बार जल्दबाजी के बजाय गुणवत्ता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुल को पूरी तरह सुरक्षित बनाकर ही यातायात के लिए खोला जाएगा.
कहते हैं अधिकारी
पुल निर्माण निगम के द्वारा क्षतिग्रस्त आरओबी का निर्माण तेजी से किया जा रहा है. निर्माण गुणवत्तापूर्ण तथा जल्द से जल्द हो सके, इसके लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है और संबंधित लोगों को दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं. उम्मीद है कि जल्द ही इसे एक बार पुनः जनता की सेवा में समर्पित कर दिया जाएगा.
आलोक नारायण वत्स
जिला सूचना सह जनसंपर्क पदाधिकारी, बक्सर




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