उन्होंने कहा है कि इस कार्य में श्रम विभाग के पदाधिकारी डाटा बैंक तैयार करेंगे ताकि, जिनको जिस कार्य में दक्षता हासिल है. वहीं, काम दिलाया जा सके. आने वाले वैसे कामगार जिनके पास जॉब कार्ड नहीं होगा उसे भी जॉब कार्ड बनवा कर काम दिया जाएगा.
- जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जल्द शुरु होगा स्किल आधारित डाटा बैंक बनाने का कार्य
- प्रखंडों में बनाए जा रहे हैं जॉब कार्ड, अपने ही घरों के समीप मिलेगा रोजगार
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने को लेकर सरकार की चिंताओं के मद्देनज़र जिला प्रशासन अब पूरी तैयारी कर रहा है. बाहर से आने घरों को वापस लौटने वाले हर एक हाथ को काम मिले इसके लिए पूरी कार्ययोजना बनायी जानी शुरू कर दी गयी है. इस बाबत जिला पदाधिकारी अमन समीर द्वारा श्रम विभाग को निर्देश दिया गया है कि, बाहर से आ कर क्वॉरेंटाइन सेंटर में रह रहे कामगारों का स्किल मैपिंग जल्द से जल्द करायी जाए. पदाधिकारी ने रविवार को विभागीय अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा हुई बातचीत में यह स्पष्ट निर्देश दिए कि, प्रवासी कामगारों को उनके ही प्रखंडों में कार्य मिलना सुनिश्चित हो सके.
उन्होंने कहा है कि इस कार्य में श्रम विभाग के पदाधिकारी डाटा बैंक तैयार करेंगे ताकि, जिनको जिस कार्य में दक्षता हासिल है. वहीं, काम दिलाया जा सके. आने वाले वैसे कामगार जिनके पास जॉब कार्ड नहीं होगा उसे भी जॉब कार्ड बनवा कर काम दिया जाएगा. माना जा रहा है कि, जिला पदाधिकारी के इस पहल से काफी संख्या में विभिन्न राज्यों से बक्सर पहुंचे प्रवासी कामगारों को उनकी क्षमता के अनुसार काम दिया जा सकेगा.
मनरेगा, सात निश्चय आदि में मिलेगा रोजगार, बनाए जा रहे जॉब कार्ड:
बताया जा रहा है कि, जिले में अब तक कुल 6500 मजदूर बाहर से आए हैं. उनका जॉब कार्ड बनवा कर उन्हें मनरेगा के अंतर्गत कार्य दिया जाना है. जिसके लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है. उनसे कहा गया है कि मजदूरों के स्किल के हिसाब से उन्हें काम दिया जाए. मसलन यदि कोई पेंटर है तो उसे पेंटिंग तथा बढ़ई को फर्नीचर निर्माण जैसे कार्य दिया जाए. बताया जा रहा है कि, विभिन्न प्रखंडों में श्रमिकों के जॉब कार्ड भी बनने शुरू हो गए हैं इनमें महिला सैनिकों के भी जॉब कार्ड बनाए जा रहे हैं. डीएम ने बताया कि, हर घर नल योजना के कार्य को जल्द से जल्द शुरू किया जाना है. जिसके लिए स्थानीय मजदूरों से ही कार्य कराना है. बाहर से मजदूर नहीं बुलाए जाने हैं तथा जो मजदूर कार्य करेंगे वह मास्क तथा गमछा लगाकर ही कार्य करेंगे. साथ ही उनके हाथ वगैरह धोने की व्यवस्था कार्य स्थल की जाएगी।
कहते हैं अधिकारी:
प्रवासी श्रमिकों को काम दिलाया जाने के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. उनसे यह कहा गया है कि, वह स्किल के आधार पर श्रमिकों का डाटा बैंक तैयार करें जिसके आधार पर अपने कार्य में पारंगत श्रमिकों को रोजगार प्रदान किया जा सके.
अमन समीर,
जिला पदाधिकारी









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