कोरोना संक्रमित शिक्षक समेत दो की पटना में इलाज के दौरान मौत ..

पिछले 9 अप्रैल को टीकाकरण केंद्र से शाम को लौटने के बाद उन्हें बुखार आने लगा. अगले दिन वह अपने पैतृक घर डुमरांव चले आए जहां वह होम कवारंटीन थे. अचानक तबीयत खराब होने पर गुरुवार को उन्हें पटना ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. 
छपरा में बतौर अधिकारी पदस्थापित डुमराँव के रहने वाले सुभाष प्रसाद






- डुमरांव विधायक ने कहा, अस्पताल बदइंतजामी के कारण हुई मौत
- छपरा में तैनात डुमराँव मूल के सहकारिता पदाधिकारी का भी हुआ निधन

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर: शनिवार की सुबह भटौली पंचायत के कुकुरभूका गांव निवासी 32 वर्षीय अविनाश कुमार यादव नामक एक शिक्षक की कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु हो गई. उनकी मृत्यु इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में इलाज के दौरान हुई. शिक्षक दावथ प्रखंड के सिमरी पंचायत अंतर्गत रजौहा प्राथमिक विद्यालय में पदस्थापित थे. बताया जा रहा है कि इलाज के दौरान ऑक्सीजन की कमी होने के कारण ऐसा हुआ. मृत्यु की सूचना मिलने पर शिक्षक के इलाज के लिए लगातार प्रयासरत डुमराँव विधायक अजीत सिंह मृतक के घर पहुंचे तथा परिजनों को सांत्वना देते हुए बताया कि, अस्पताल में इलाज के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. उन्होंने कहा कि संक्रमित हो अस्पताल में जगह नहीं मिल पा रही है. चिकित्सकों और कर्मियों की कमी के कारण मरीजों की देखभाल नहीं हो पा रही है. पूरे प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीज मरने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा आम जनता का बुरा हाल हो गया है.




उधर, डुमरांव के मूल निवासी तथा छपरा के जमालपुर में प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी के रूप में तैनात 32 वर्षीय सुभाष प्रसाद की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई. बताया जा रहा है कि, वह कोविड टीकाकरण अभियान में पर्यवेक्षक थे साथ ही उन्होंने कोरोना का पहला डोल भी लिया था. बताया जा रहा है कि पिछले 9 अप्रैल को टीकाकरण केंद्र से शाम को लौटने के बाद उन्हें बुखार आने लगा. अगले दिन वह अपने पैतृक घर डुमरांव चले आए जहां वह होम कवारंटीन थे. अचानक तबीयत खराब होने पर गुरुवार को उन्हें पटना ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.  हंसमुख एवं मिलनसार व्यक्तित्व के धनी सहकारिता पदाधिकारी की शादी 8 माह पूर्व ही हुई थी लेकिन, किसी को क्या मालूम था कि वह असमय काल कलवित हो जाएंगे.











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