बाल कल्याण विभाग के आदेश के बाद भी जिले में नहीं खुला दत्तक ग्रहण संस्थान ..

नवजात शिशुओं को रखने में भोजपुर और कैमूर के संस्थानों ने हाथ खड़ा कर दिए हैं. बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ शशांक शेखर ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और जिलाधिकारी से पूर्व में मिले सरकारी आदेश के आलोक में जल्द से जल्द जिले में दत्तक ग्रहण संस्थान खोलने का अनुरोध किया है.




- बाल कल्याण समिति के सदस्य ने डीएम से किया गंभीरता दिखाने का अनुरोध
- दत्तक ग्रहण संस्थान नहीं होने से लावारिस नवजातों को हो रही परेशानी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : समाज कल्याण विभाग के आदेश के बावजूद एक साल बाद भी जिले में विशेष दत्तक ग्रहण संस्थान खोलने की कार्रवाई जिला प्रशासन ने शुरू नहीं की. संस्थान के नहीं खुलने से जिले में लावारिस पाए गए नवजात शिशुओं को रखने में भोजपुर और कैमूर के संस्थानों ने हाथ खड़ा कर दिए हैं. बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ शशांक शेखर ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और जिलाधिकारी से पूर्व में मिले सरकारी आदेश के आलोक में जल्द से जल्द जिले में दत्तक ग्रहण संस्थान खोलने का अनुरोध किया है.




समाज कल्याण विभाग के निर्देशक एवं बाल संरक्षण समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार ने जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक को 15 जनवरी 2021 को ही पत्र भेजकर जिले में विशेष दत्तक ग्रहण संस्थान खोलने के लिए 15 दिनों के अंदर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया था ताकि जिले में लावारिस पाए जाने वाले नवजात शिशुओं को रखने और संरक्षण करने में आ रही समस्याओं को जिला स्तर पर ही दूर कर लिया जाए. निदेशक के पत्र प्राप्त होने के एक वर्ष बीतने को है लेकिन, विभागीय स्तर पर संस्थान खोलने की दिशा में सरकार को प्रस्ताव नहीं भेजे जाने के कारण बक्सर जिले के नवजात बालक बालिकाओं को संरक्षित करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. 

कैमूर और भोजपुर भेजे जा रहे हैं जिले में मिले अनाथ बच्चे : 

जिले के अनाथ बालक एवं बालिकाओं को संरक्षित करने के लिए कैमूर और भोजपुर जिला मुख्यालयों में खुले विशिष्ट डाटा दत्तक ग्रहण केंद्रों में भेजा जाता है लेकिन, पिछले कई माह से जगह के अभाव में भोजपुर और  कैमूर जिला के  संस्थानों ने नवजातो को रखने में जगह का हवाला देते  हाथ खड़ा कर दिए है. 

उच्चाधिकारियों के आदेश की हो रही अवहेलना :

जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ शशांक शेखर ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए बताया कि निदेशक के आदेश के बावजूद विभाग द्वारा प्रस्ताव नहीं भेजा जाना उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना है. उन्होंने बताया कि विशेष दत्तक ग्रहण संस्थान खुल जाने से न सिर्फ जिले के लावारिस बालकों के संरक्षण में आ रही समस्या दूर हो सकती है बल्कि जिले में रोजगार सृजन के भी नए अवसर खुलेंगे. 

डीएम से किया गंभीरता दिखाने का अनुरोध :

डॉ. शेखर ने जिलाधिकारी अमन समीर से इस पूरे मामले पर गंभीरता से  देखने का अनुरोध करते हुए बाल हित में सरकारी आदेश के आलोक में शीघ्र जिला मुख्यालय में विशेष दत्तक ग्रहण केंद्र खोलने का अनुरोध किया है. उन्होंने बताया कि पिछले दिनो बक्सर के नवजातों की मौत भी उचित संरक्षण के आभाव में हो  गई थी.





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