ऐतिहासिक चौसा में विस अध्यक्ष ने पक्षी दाना-पानी कॉटेज का किया उद्घटान ..

कहा कि भविष्य को बेहतर करना है तो सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना होगा. हमारे सभी जनप्रतिनिधि चाहे विधायक हो या पंचायत प्रतिनिधि या बुद्धिजीवी पदाधिकारी सबको लगके अपनी विरासत को सजाना उसे जीवंत करना हम सबकी जिम्मेवारी बनती है.









- चौसा के ऐतिहासिक व पौराणिक विरासत से रूबरू होने पहुंचे बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने कहा बेहद खूबसूरत है चौसा
- महर्षि च्यवन स्थल पर निर्मित जड़ी-बूटियों के पार्क का नजारा देख मुग्ध रहे अध्यक्ष

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : चौसा के ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल का जायजा व इतिहास से रुबरु होने मंगलवार को चौसा बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ऐतिहासिक गढ़ पर पहुंचे. जहा के खूबसूरत नजारा को देखा व इतिहास से रूबरु हुए. साथ ही उन्होंने पक्षी दाना-पानी कॉटेज का भी उद्घाटन किया. इस दौरान निर्माण किये गए फूलों का पार्क, स्तूप, ट्री सेल्फी प्वाइंट तथा खुदाई में मिले मूर्तियों का अवलोकन किया. उन्होंने कहा चौसा का बेहद खूबसूरत नजारा है, जो आकर्षण का केंद्र है. इसे सहजेना सबकी जिम्मेवारी है.




विधानसभा अध्यक्ष जिले में आयोजित बाल संसद कार्यक्रम का उद्घाटन को पहुंचे थे. इससे पूर्व भी उनका ऐतिहासिक गढ़ भ्रमण का कार्यक्रम बना था लेकिन, कोविड काल के बढ़ते प्रकोप के चलते स्थगित हो गया था लेकिन, इस बार जिले में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे अध्यक्ष को विशेष रूप से चौसा का इतिहास से रूबरू का मौका मिला. वह मंगलवार की दोपहर को लाव-लश्कर के साथ शेरशाह शौर्य स्थल पर पहुंचे. जहां स्तूप के पास उन्होंने तस्वीर भी खिंचवाया. 



उन्हें चौसा पीओ अजय सहाय द्वारा इतिहास के साथ खूबसूरती से रूबरु कराया गया. उन्होंने इस दौरान पौधरोपण भी किया.  गौरैया के लिए बने दाना-पानी के कॉटेज का उद्घाटन भी किया. ऐतिहासिक गढ़ पर बने ट्री सेल्फी प्वाइंट पर चढ़कर गंगा व कर्मनाशा के संगम का नजारा लिया. 


उन्होंने मीडिया से कहा कि भविष्य को बेहतर करना है तो सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना होगा. हमारे सभी जनप्रतिनिधि चाहे विधायक हो या पंचायत प्रतिनिधि या बुद्धिजीवी पदाधिकारी सबको लगके अपनी विरासत को सजाना उसे जीवंत करना हम सबकी जिम्मेवारी बनती है. इस भ्रमण के दौरान उनके साथ राजपुर विधायक विश्वनाथ राम व भाजपा कार्यकर्ता के अलावा सीओ बृजबिहारी कुमार, बीडीओ मो. असलम उपस्थित रहे.

च्यवन मुनि स्थल पर निर्माण हो रहे जड़ी बूटियों का पार्क देख मुग्ध हुए अध्यक्ष

चौसा  ऐतिहासिक युद्धस्थली से प्रमुख तो है ही लेकिन, चौसा पौराणिक स्थल से भी महत्वपूर्ण है. महर्षि च्यवन मुनि से चौसा का नामकरण हुआ है. ऐतिहासिक स्थल भ्रमण के बाद महर्षि च्यवन मुनि आश्रम की जानकारी के बाद विधानसभा अध्यक्ष को रहा नही गया. वे उस स्थल पर भी जाने की इच्छा जताई. वे ऐतिहासिक स्थल घूमने के बाद महर्षि च्यवन स्थल पहुंचे. जहाँ वह बेहद खूबसूरत नजारा देख मुग्ध हुए. उन्हें बताया गया. मुनि के द्वारा बुढ़ापे में यौवन को प्राप्त करने वाला च्यवनप्राश का इन्ही मुनि की खोज है जिनके नाम पर मनरेगा से 38 जड़ी बूटियों का पार्क बनाया जा रहा है. ये अच्छी बात है. इसे संवारना चाहिए और मुनि की प्रतिमा भी स्थापित की जानी चाहिए.
















 














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