27.43 लाख धोखाधड़ी मामले में कुख्यात धीरज का भाई आशीर्वाद मिश्रा गिरफ्तार ..

पेंशन की राशि लेने के लिए आशीर्वाद मिश्रा के सहयोग से एसबीआई की कोरान सराय शाखा में जाते थे. शातिर दिमाग के आशीर्वाद मिश्रा धीरे धीरे बुजुर्ग और अपने पिता के पेंशनर मित्र को विश्वास में लेकर पहले विभिन्न खातों में अपना मोबाइल नंबर जुड़वा दिया और पेंशनर का एटीएम लेकर यूपीआई आईडी बना लिया. 






- फर्जीवाड़ा कर बुजुर्गों के तीन खातों से निकाल लिए 27.5 लाख रुपये
- पिता के मित्र और बुजुर्ग पेंशनर को विश्वास में लेकर किया गड़बड़झाला

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : अनुमंडल अंतर्गत सिकरौल थाना क्षेत्र के रेंका पांडेयपुर गांव निवासी एक बुजुर्ग और अपने पिता के पेंशनर मित्र को विश्वास में लेकर कुख्यात आशीर्वाद मिश्रा ने 27.43 लाख रुपये का चूना लगा दिया जबकि, इसकी भनक खाताधारी और परिवार के लोगों को तब मिली जब पासबुक अपडेट कराने कोरानसराय स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शाखा में पहुंचे. बुजुर्ग पेंशनर के तीन खातों से फर्जीवाड़ा कर मोटी रकम निकासी के बाद परिजनों के होश उड़ गए. पूछताछ के बाद पता चला कि एक बुजुर्ग के द्वारा अपने मित्र के बेटा पर भरोसा किया उसी ने विश्वासघात करके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कोरान सराय, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक कोरान सराय और पोस्ट ऑफिस कोरान सराय में तीन खातों से 27,43,603 रुपये अवैध तरीके से निकासी कर लिया है.
 

धोखाधड़ी का यह मामला बेलहरी पंचायत की मुखिया जया देवी और कोरानसराय पुलिस के पास पहुंचा तो आरोपी आशीर्वाद मिश्रा ने स्वीकार किया कि धोखाधड़ी करके अपने पिता के मित्र और बुजुर्ग पेंशनर रामप्रभाव पांडेय के खाते से मोटी रकम की निकासी की है और फर्जीवाड़ा कर निकासी की गई रकम 28 मई तक लौटाने के लिए स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट किया, लेकिन पैसे नहीं लौटाए. अंततोगत्वा बुजुर्ग पेंशनर के पुत्र रंगनाथ पांडेय के लिखित आवेदन पर कोरान सराय थाने में कुख्यात आशीर्वाद मिश्रा के खिलाफ फर्जीवाड़ा कर खाते से पैसे निकासी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई. इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस के द्वारा इसे गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया.
                    
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार पेंशनर रामप्रभाव पांडेय और आरोपी आशीर्वाद मिश्रा के पिता दारोगा मिश्रा दोनों रिटायर सरकारी कर्मी हैं. ये लोग पेंशन की राशि लेने के लिए आशीर्वाद मिश्रा के सहयोग से एसबीआई की कोरान सराय शाखा में जाते थे. शातिर दिमाग के आशीर्वाद मिश्रा धीरे धीरे बुजुर्ग और अपने पिता के पेंशनर मित्र को विश्वास में लेकर पहले विभिन्न खातों में अपना मोबाइल नंबर जुड़वा दिया और पेंशनर का एटीएम लेकर यूपीआई आईडी बना लिया. इसके बाद धीरे-धीरे तीनों खातों से रुपयों की निकासी करते गया. कुछ दिन पहले उपरोक्त खाताधारी के पुत्र रंगनाथ पांडेय अपनी भतीजी की शादी के लिए पासबुक अपडेट कराने पहुंचे तो खाते में बैलेंस शून्य देखकर होश उड़ गए. 

मामले में थानाध्यक्ष जुनैद आलम ने बताया कि फर्जीवाड़ा कर मोटी रकम निकासी मामले में गिरफ्तार आशीर्वाद मिश्रा पुराने अपराधी धीरज मिश्रा के परिवार से हैं और अपराधी प्रवृत्ति का है. उसे मंगलवार को अग्रेतर कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है.


















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