दहेज हत्या मामले में ससुर और देवर को सात साल की जेल, पति दोषमुक्त ..

घटना के दिन सूचना मिली कि कंचन ने अपने कमरे को बंद कर रस्सी से फांसी लगा ली है. लेकिन मृतका के मायके वालों ने इसे दहेज हत्या करार देते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई और कहा कि हत्या को बाद में आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है. 






- जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजनी कुमार सिंह ने सुनाया फैसला
- वर्ष 2015 में हुई थी शादी, उसी वर्ष हो गई हत्या

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : दहेज हत्या मामले में सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजनी कुमार के द्वारा ससुर और देवर को दोषी पाते हुए उन्हें सात वर्षों के कारावास की सजा सुनाई गई है. खास बात यह है कि  इस मामले में आरोपी बनाया गया पति निर्दोष करार दिया गया है. और उसे न्यायालय से बाइज्जत बरी कर दिया गया है.

घटना के संदर्भ में जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक गोपाल जी शर्मा ने बताया कि 17 अप्रैल 2015 को औद्योगिक थाना क्षेत्र के दहिबर गांव निवासी कंचन देवी की शादी बगेन गोला थाना क्षेत्र के एकरासी गांव निवासी महेश सेठ के साथ हुई थी. शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग सोने की अंगूठी की मांग करते थे. इसके लिए कंचन देवी को प्रताड़ित किया जाता था.  शादी के वर्ष ही घटना के दिन सूचना मिली कि कंचन ने अपने कमरे को बंद कर रस्सी से फांसी लगा ली है. लेकिन मृतका के मायके वालों ने इसे दहेज हत्या करार देते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई और कहा कि हत्या को बाद में आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है. मामले में मृतका के पति महेश सेठ उर्फ राजेश सेठ, सास सुनीता देवी ससुर त्रिलोकी सेठ एवं देवर सूरज उर्फ तूफान सेठ को आरोपी बनाया गया था.

सुनवाई करते हुए पुलिस की रिपोर्ट देखने तथा गवाहों के बयान सुनने के पश्चात न्यायालय इस नतीजे पर पहुंची कि मृतका का पति महेश सेठ निर्दोष है. क्योंकि घटना के समय वह दिल्ली में नौकरी कर रहा था. वहीं जो प्रमाण मिले उसके मुताबिक सास सुनीता देवी, ससुर त्रिलोकी सेठ एवं देवर सूरज उर्फ तूफान सेठ को हत्या में शामिल पाया गया. हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान ही सास की मृत्यु हो गई है.









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