फर्जी बहाली के आरोपी कॉलेज के प्राचार्य व तत्कालीन सचिव के विरुद्ध दर्ज होगी प्राथमिकी ..

जांच समिति द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर वीर कुंअर सिंह विश्वविद्यालय के कुल सचिव द्वारा पत्र जारी कर  अनुमोदन एवं प्रभारी प्राचार्य तथा सचिव द्वारा की गई नियुक्ति एवं प्रोन्नति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया. 
जांच रिपोर्ट दिखाते पूर्व अध्यक्ष










- हरिनारायण साह भुवनेश्वर जनता महाविद्यालय से जुड़ा है मामला
- लाखों रुपयों के बंदरबांट की सामने आई थी बात

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर: हरिनारायण साह भुवनेश्वर जनता महाविद्यालय में फर्जी बहाली, कार्यालय सहायक को शिक्षक के पद पर पदोन्नति एवं महाविद्यालय के कैश काउंटर से व्यक्तिगत लाभ के लिए लाखों रुपये की अवैध निकासी के मामले को लेकर महाविद्यालय के पूर्व शिक्षाविद सह अध्यक्ष दीप नारायण प्रसाद द्वारा वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा के कुल सचिव से जांच कराने की मांग की गई थी. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्रि-सदस्यीय जांच समिति का गठन कर महाविद्यालय की जांच कराई गई.

जांच समिति द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर वीर कुंअर सिंह विश्वविद्यालय के कुल सचिव द्वारा पत्र जारी कर  अनुमोदन एवं प्रभारी प्राचार्य तथा सचिव द्वारा की गई नियुक्ति एवं प्रोन्नति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया. पत्र के माध्यम से तदर्थ समिति को निर्देशित किया गया है, कि डॉ. जय राम प्रसाद पाल एवं तत्कालीन सचिव डॉ. बीरेंद्र प्रसाद सिंह के विरुद्ध एफआइआर की कार्रवाई सुनिश्चित किया जाए. साथ ही बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-1976 अद्यतन संशोधित परिणाम 32.19(1) वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत प्रभारी प्राचार्य नियमानुसार नियुक्त करते हुए अनुमोदन का प्रस्ताव विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराया जाए. 

विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शासी निकाय के पूर्व अध्यक्ष दीप नारायण प्रसाद ने बताया कि महाविद्यालय के आरोपों की जांच के लिए मेरे द्वारा पूर्व में शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था. तपश्चात दोबारा जांच कमिटी का गठन किया गया. उसके बाद त्रिस्तरीय जांच कमिटी ने मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को सौंपा. प्रभारी प्राचार्य डॉ. जयराम प्रसाद पाल ने बताया कि इस तरह का कोई पत्र अब तक मुझे नहीं प्राप्त हुआ है.










Post a Comment

0 Comments