समय से कार्यालय न पहुंचने वाले कर्मियों पर गिरी गाज, प्रभारी डीएम ने किया औचक निरीक्षण

उनका एक दिन का वेतन / मानदेय स्थगित करने का निर्देश डीआरडीए निदेशक को दिया. इसके अलावा, कई अन्य विभागीय पदाधिकारी जिन्होंने अपने कार्यालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट नहीं भेजी थी, उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है.













                                           



- देर से आने वाले कर्मचारियों पर होगी सख्त कार्रवाई
- आगंतुकों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर: सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की लेटलतीफी पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. समाहरणालय बक्सर में प्रभारी जिला पदाधिकारी कुमारी अनुपम सिंह ने 20 मार्च 2025 को विभिन्न सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान एक कर्मी अनुपस्थित पाए गए, जिनका एक दिन का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया गया. साथ ही, निरीक्षण रिपोर्ट न सौंपने वाले पदाधिकारियों से भी कारण पूछा गया है.

समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रहे कर्मचारी

मार्च माह से सरकारी कार्यालयों के लिए निर्धारित समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया है. बावजूद इसके, जिला प्रशासन को लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि कई कर्मचारी और पदाधिकारी समय से कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं. इस कारण कार्यालय में आने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था और उन्हें बिना काम के वापस लौटना पड़ रहा था.

इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुबह 10:00 से 10:15 बजे के बीच अपने कार्यालयों का औचक निरीक्षण करें और इसकी फोटो जिला प्रशासन के ग्रुप पर भेजें. इसके अनुपालन की समीक्षा के लिए प्रभारी डीएम ने स्वयं कई कार्यालयों का निरीक्षण किया.

कई कार्यालयों का किया गया औचक निरीक्षण

प्रभारी जिला पदाधिकारी कुमारी अनुपम सिंह ने 20 मार्च को समाहरणालय स्थित पंचायत कार्यालय, निर्वाचन कार्यालय, जिला सांख्यिकी कार्यालय, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग कार्यालय, अल्पसंख्यक कल्याण एवं जिला ग्रामीण विकास अभिकरण कार्यालय का औचक निरीक्षण किया.

निरीक्षण के दौरान जिला ग्रामीण विकास अभिकरण कार्यालय का एक कर्मी अनुपस्थित पाया गया. इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए डीएम ने उनका एक दिन का वेतन / मानदेय स्थगित करने का निर्देश डीआरडीए निदेशक को दिया. इसके अलावा, कई अन्य विभागीय पदाधिकारी जिन्होंने अपने कार्यालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट नहीं भेजी थी, उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है.

आगंतुकों की समस्याओं का होगा समाधान

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आगंतुक को बिना उचित बातचीत और समाधान के वापस नहीं भेजा जाएगा. सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कार्यालय में आने वाले नागरिकों से मिलें और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें. यदि किसी अधिकारी को क्षेत्रीय कार्यों के लिए बाहर जाना पड़े तो वे अपने प्रधान सहायक को निर्देश देंगे कि कार्यालय में आए लोगों की समस्याओं को सुनें, आवेदन प्राप्त करें और उचित समाधान के लिए आगे प्रस्तुत करें.

इसके अलावा, कार्यालयों में आगंतुकों से जुड़ी एक विशेष पंजी तैयार करने का निर्देश दिया गया है. इसमें आगंतुकों का विवरण और उनके आवेदन को दर्ज किया जाएगा ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके.

प्रशासन ने दिया स्पष्ट संदेश

जिला प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि कार्यालयों में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. औचक निरीक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि सभी सरकारी कार्यालय तय समय पर संचालित हों और आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो










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