कहा कि डबल इंजन की सरकार केवल जनता को गुमराह करने का काम कर रही है. उन्होंने कहा, "बिहार में विकास नहीं, बल्कि सिर्फ वादों की राजनीति हो रही है. विधायक और सांसद जनता से कट चुके हैं."
- बसपा ने किया चुनावी शंखनाद, गठबंधन से किया इनकार
- डबल इंजन सरकार पर साधा निशाना, सत्ता परिवर्तन का किया दावा
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी तैयारियों का ऐलान कर दिया है. रविवार को बक्सर के किला मैदान में पार्टी कार्यकर्ताओं का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक सह राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और प्रदेश प्रभारी अनिल कुमार ने पार्टी की रणनीति और आगामी चुनावी दिशा को स्पष्ट किया. सम्मेलन में बसपा नेताओं ने गठबंधन से इनकार करते हुए सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की और सत्ताधारी दल पर तीखे प्रहार किए.
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और कांशीराम की तस्वीरों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई. अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुभाष गौतम और संचालन हरिहर मेहरा ने किया. इस दौरान रामजी गौतम ने कहा, "बसपा केवल सत्ता के लिए नहीं, बल्कि बहुजन समाज के अधिकारों के लिए लड़ने वाली पार्टी है." उन्होंने स्पष्ट किया कि बसपा किसी भी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी और अपने दम पर चुनाव लड़ेगी.
उन्होंने कहा कि मायावती के नेतृत्व में बसपा 2025 में मजबूती से चुनाव लड़ेगी और बिहार में सत्ता परिवर्तन की नई पटकथा लिखेगी. उन्होंने वर्तमान सरकार पर जातीय भेदभाव और गरीबों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में बहुजन समाज को संगठित कर सत्ता तक पहुंचाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है.
सत्ताधारी दल पर हमला, विधायक-सांसद पर निशाना
बसपा के प्रदेश प्रभारी अनिल कुमार ने भाजपा-जदयू गठबंधन सरकार को खोखला बताते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार केवल जनता को गुमराह करने का काम कर रही है. उन्होंने कहा, "बिहार में विकास नहीं, बल्कि सिर्फ वादों की राजनीति हो रही है. विधायक और सांसद जनता से कट चुके हैं."
अनिल कुमार ने बक्सर के मौजूदा जनप्रतिनिधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि "जनता में यह चर्चा आम हो गई है कि शाम होते ही विधायक जी के कदम लड़खड़ाने लगते हैं." उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अब वह मानसिक रूप से थक चुके हैं और उन्हें जबरन सत्ता में बनाए रखना बिहार की जनता का अपमान है.
बसपा के मुद्दे: अपराध, महंगाई और दलित उत्पीड़न
बसपा नेताओं ने बिहार में बढ़ते अपराध, महंगाई और जातीय भेदभाव के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा. अनिल कुमार ने कहा, "महिलाएं और बेटियां असुरक्षित हैं, गरीबों के घर उजाड़े जा रहे हैं और दलितों, शोषितों, वंचितों को न्याय नहीं मिल रहा है." उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस बार बिहार में सत्ता परिवर्तन बसपा के नेतृत्व में होगा.
बसपा ने अपने चुनावी एजेंडे में जातीय उत्पीड़न, कानून-व्यवस्था, महंगाई, रोजगार और शिक्षा सुधार को मुख्य मुद्दा बनाया है. पार्टी ने हर वर्ग को जोड़ने की रणनीति अपनाई है और बहुजन समाज को एकजुट कर सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है.
कार्यक्रम में उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़
बसपा के इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे. कार्यक्रम को प्रदेश उपाध्यक्ष कुणाल किशोर विवेक, प्रदेश महासचिव दिलीप कुमार, अभिमन्यु कुशवाहा और शिव कुमार कुशवाहा ने संबोधित किया. मौके पर लालजी राम, सुभाष अंबेडकर, शिवबहादुर पटेल, चंदन चौहान, रमेश राजभर, लक्ष्मण सिंह कुशवाहा, कमलेश राव, जय नारायण राम, वीरेंद्र डोम, चक्रवर्ती चौधरी, मंजी यादव समेत कई महत्वपूर्ण नेता मौजूद रहे.
बसपा ने बिहार में चुनावी बिगुल फूंक दिया है और सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने गठबंधन से दूरी बनाए रखते हुए खुद को तीसरे विकल्प के रूप में पेश किया है. डबल इंजन सरकार पर हमलावर रुख अपनाते हुए बसपा ने साफ कर दिया है कि 2025 का चुनाव जातीय उत्पीड़न और सत्ता परिवर्तन के मुद्दे पर लड़ा जाएगा.
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