चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द प्रोन्नति संबंधी अधिसूचना जारी नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह उनका हक है, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार नजरअंदाज कर रहा है.
- आरा में विश्वविद्यालय स्तर पर भी धरना प्रदर्शन
- अधिसूचना जारी होने तक जारी रहेगा विरोध
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : महाविद्यालय के शिक्षकेतर कर्मचारियों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा. कर्मचारियों ने मंगलवार को भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए सभी प्रशासनिक कार्यों को ठप रखा और प्रोन्नति की अधिसूचना जारी होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की. उधर, विश्वविद्यालय स्तर पर भी आरा में धरना प्रदर्शन जारी है, जिसमें विभिन्न महाविद्यालयों के कर्मचारी शामिल हुए हैं.
धरना जारी, कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार
कर्मचारियों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोन्नति को लेकर कई बार आश्वासन दिया, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. सोमवार को शुरू हुआ यह आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा. कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा.
धरने में विनायक दत्त पाठक, चिन्मय प्रकाश झा, शैलेन्द्र नाथ पाठक, अरविंद कुमार सिंह, टुनटुन मिश्रा, दयाशंकर तिवारी, अमित कुमार मिश्रा, अभय कुमार मिश्रा, राजीव रंजन कुमार, अनिल कुमार, सुनील कुमार, शिवम भारद्वाज, सुरेश सिंह, हरगोबिंद सिंह, रंजू देवी, मुन्नी देवी, शांति कुमारी और सरिता कुमारी मौजूद रहे.
आरा में विश्वविद्यालय स्तर पर भी प्रदर्शन जारी
प्रोन्नति की मांग को लेकर आरा में विश्वविद्यालय मुख्यालय पर भी धरना दिया जा रहा है. इस प्रदर्शन में महाविद्यालय की ओर से चिन्मय प्रकाश झा प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और जल्द समाधान की उम्मीद की जा रही है.
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द प्रोन्नति संबंधी अधिसूचना जारी नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह उनका हक है, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार नजरअंदाज कर रहा है.
धरने के कारण महाविद्यालय में प्रशासनिक कार्य पूरी तरह ठप रहा, जिससे छात्र-छात्राओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरा करने की अपील की है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से चल सकें.
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