मुसहर समुदाय झेल रहे पेयजल संकट, खराब चापानलों से बढ़ी परेशानी

पानी की गंभीर समस्या को देखते हुए स्थानीय मुसहर समुदाय के लोगों ने आपस में पैसे इकट्ठा कर एक चापानल की मरम्मत करवाई, जिससे फिलहाल उनका काम चल रहा है.

बस्ती के लोगों के साथ मौजूद एनजीओ के सदस्य












                                           


  • गर्मी में सूख जाते हैं चापानल, खुद करवाई मरम्मत
  • पानी की जांच में सुरक्षित मिले चारों पैरामीटर

बक्सर टॉप न्यूज बक्सर जिले के चौसा प्रखंड के रामपुर पंचायत स्थित वार्ड नंबर 14 के गोपालपुर मुसहर बस्ती के लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. सरकारी योजना के तहत बस्ती में तीन चापानल लगाए गए थे, लेकिन गुणवत्ता पूर्ण कार्य न होने के कारण ये शीघ्र ही खराब हो गए. पानी की गंभीर समस्या को देखते हुए स्थानीय मुसहर समुदाय के लोगों ने आपस में पैसे इकट्ठा कर एक चापानल की मरम्मत करवाई, जिससे फिलहाल उनका काम चल रहा है.

स्थानीय निवासी मंजू, सुदामी, दुजो, सुदर्शन, तारा, सुसुमी, हलखोरी, संजीरिया, कोसिला, हीरा मुसहर और ओसियर मुसहर सहित अन्य ने बताया कि गर्मी के मौसम में चापाकल सूख जाते हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है. बस्ती के लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है, जिससे उनके दैनिक जीवन में कठिनाइयाँ बढ़ जाती हैं.

इस समस्या को लेकर एनजीओ रेडरी के सचिव वीरेंद्र कश्यप ने आवेदन पत्र लिखा और संबंधित अधिकारियों तक यह मामला पहुँचाया. इसके बाद इनरेम फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर प्रवीण कुमार सिंह ने बस्ती में चापानल की जांच फील्ड टेस्ट किट से की. इस जांच में पानी में आर्सेनिक, आयरन, फ्लोराइड और पीएच के स्तर को मापा गया. राहत की बात यह रही कि जांच के बाद सभी चारों पैरामीटर सुरक्षित पाए गए, जिससे कम से कम पानी की गुणवत्ता को लेकर कोई खतरा नहीं है.

इस मुद्दे पर जदयू जिला उपाध्यक्ष रविराज ने कहा कि महादलित समुदाय की समस्याओं को शीघ्र सुलझाने का प्रयास किया जाएगा. स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से भी अपेक्षा है कि वे इस गंभीर समस्या का समाधान जल्द से जल्द करें, ताकि मुसहर समुदाय के लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की सुविधा मिल सके.











Post a Comment

0 Comments