उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की जमीन संबंधी परेशानियों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए, ताकि लोग न्याय के लिए भटकने को मजबूर न हों.
- राजस्व विभाग के कार्यों पर सवाल, समय पर अनुपालन रिपोर्ट नहीं मिलने पर व्यक्त किया खेद
- स्वच्छता, शिक्षा और आवास योजनाओं पर भी दिए सख्त आदेश
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : समाहरणालय सभाकक्ष में बुधवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सांसद सुधाकर सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में जिले की विभिन्न विकास योजनाओं और जनसुविधाओं की समीक्षा की गई. इस दौरान भूमि और राजस्व से जुड़े मामलों में संतोषजनक कार्य नहीं होने पर सांसद ने नाराजगी जाहिर की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की जमीन संबंधी परेशानियों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए, ताकि लोग न्याय के लिए भटकने को मजबूर न हों.
बैठक की शुरुआत पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा से की गई. पाया गया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने समय पर रिपोर्ट नहीं सौंपी है. इस पर सांसद ने खेद व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में सभी विभाग बैठक से एक माह पूर्व अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं, ताकि उसकी समीक्षा कर समाधान सुनिश्चित किया जा सके.
शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई. सांसद ने विद्यालय भवन निर्माण, शिक्षकों की पदोन्नति, साफ-सफाई और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए. वहीं, जीविका परियोजना के संकुल स्तर पर कार्यरत कर्मियों के हटाए जाने के मामले की जांच का जिम्मा उप विकास आयुक्त को सौंपा गया.
तकनीकी विभागों को जिले में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने का आदेश मिला. सड़क निर्माण, सिंचाई व्यवस्था, नहरों की मरम्मत, विद्युत आपूर्ति और पेयजल की समुचित व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया. सांसद ने कहा कि इन बुनियादी सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
शहरी इलाकों से संबंधित मुद्दों पर नगर परिषद बक्सर और डुमरांव को निर्देश दिए गए कि आवास विहीन परिवारों की सूची तैयार कर उन्हें भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि हर जरूरतमंद को आवास मिल सके. इसके अलावा शहर की साफ-सफाई व्यवस्था और सामुदायिक शौचालयों की संख्या बढ़ाने का आदेश भी दिया गया.
बैठक में जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता सहित जिले के वरीय और संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे. सांसद ने अंत में दो टूक कहा कि विकास योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा जब अधिकारी ईमानदारी से काम करें और जनता को सीधे राहत मिले.
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