हेमंत की प्रारंभिक शिक्षा बक्सर के एक निजी विद्यालय से हुई. इंटरमीडिएट उन्होंने डीएवी पटना से पूरा किया. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से स्नातक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से परास्नातक किया.
- परिवार और गांव में खुशी की लहर, उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित
- लगन, मेहनत और प्रतिभा से निभाई सफलता की नई मिसाल
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के राजपुर प्रखंड अंतर्गत कुसुरपा गांव के प्रतिभावान युवक हेमंत मिश्रा ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 13वीं रैंक हासिल कर बक्सर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. मंगलवार को उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित हुआ, जिसके बाद परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई. उनके चाचा बजरंगी मिश्रा ने इस उपलब्धि की पुष्टि करते हुए गर्व और प्रसन्नता व्यक्त की.
हेमंत मिश्रा वर्तमान में मिर्जापुर में ट्रेनी एसडीएम के पद पर कार्यरत थे. वे मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं. उनके पिता ओमप्रकाश मिश्रा कैमूर में शिक्षा विभाग में एपीओ हैं, जबकि मां नम्रता मिश्रा एक निजी स्कूल में अध्यापिका हैं. पारिवारिक सादगी और संघर्षों के बीच हेमंत ने अपनी मेहनत और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता से निरंतर सफलता हासिल की.
शुरू से रहे मेधावी, लगातार पाई सफलताएं
हेमंत की प्रारंभिक शिक्षा बक्सर के एक निजी विद्यालय से हुई. इंटरमीडिएट उन्होंने डीएवी पटना से पूरा किया. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से स्नातक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से परास्नातक किया.
उनके चाचा बजरंगी मिश्रा के अनुसार हेमंत शुरू से ही अत्यंत प्रतिभावान रहे हैं. पहले ही प्रयास में 2022 में यूपी पीसीएस में 8वीं रैंक लाकर चयनित हुए. फिर 2023 में यूपीपीसीएस पास कर डीएसपी बने. उसके बाद 2024 में पुनः यूपीपीसीएस में सफलता प्राप्त कर एसडीएम बने. इसी वर्ष उन्होंने BPSC परीक्षा भी पास की और चुनाव अधिकारी बने. अब UPSC में 13वीं रैंक हासिल कर उन्होंने अपने परिवार ही नहीं, बक्सर जिले का भी गौरव बढ़ाया है.
गांव में जश्न, लोगों में उत्साह
IAS के रूप में उत्तर प्रदेश कैडर मिलने की सूचना मिलते ही कुसुरपा गांव में उत्सव का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी जाहिर की. घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया. लोगों का कहना है कि हेमंत की यह उपलब्धि पूरे बक्सर के लिए गर्व का विषय है.
युवाओं के लिए प्रेरणा
25 वर्षीय हेमंत की उपलब्धि मेहनत, अनुशासन और समर्पण का सुंदर उदाहरण है. लगातार कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाकर उन्होंने साबित किया है कि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर, तो सफलता अवश्य मिलती है. उनकी कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सिविल सेवा या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं.





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