दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात रंग-बिरंगे गुब्बारों का गुच्छा आकाश में छोड़कर खेल महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया गया. इस दौरान सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन, एकता और ईमानदारी की सामूहिक शपथ ली.
- विधायक आनंद मिश्र ने किया उद्घाटन, वैदिक अनुष्ठान और परेड ने बढ़ाई गरिमा
- एथलेटिक्स, शतरंज और बैडमिंटन में सैकड़ों खिलाड़ियों की भागीदारी, सेमीफाइनल तय
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय महर्षि विश्वामित्र वार्षिक खेल महोत्सव–2026 का शुभारंभ गुरुवार को उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के साथ हुआ. उद्घाटन समारोह वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही.
खेल महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि आनंद मिश्र, विधायक सदर ने किया. विशिष्ट अतिथि के रूप में महंत राजा राम शरण दास जी महाराज मौजूद रहे, जबकि अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय के सभी सेवानिवृत्त शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी शामिल हुए. कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.) कृष्ण कान्त सिंह ने की, वहीं महोत्सव के अध्यक्ष पूर्व प्रभारी प्राचार्य प्रो.(डॉ.) सुबाष चन्द्र पाठक रहे.
उद्घाटन समारोह की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन से हुई. इसके बाद अतिथियों ने महर्षि विश्वामित्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की. दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात रंग-बिरंगे गुब्बारों का गुच्छा आकाश में छोड़कर खेल महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया गया. इस दौरान सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन, एकता और ईमानदारी की सामूहिक शपथ ली.
समारोह का सबसे आकर्षक दृश्य तब देखने को मिला, जब महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राएं अपने-अपने विभाग का नाम अंकित पट्टिका और महाविद्यालय का ध्वज लेकर सैकड़ों की संख्या में परेड में शामिल हुए. बैंड-बाजे के साथ कैडेट्स और खिलाड़ियों की अनुशासित परेड मार्च ने पूरे परिसर को देशभक्ति, एकता और खेल भावना से ओत-प्रोत कर दिया. वैदिक परंपरा के अनुसार नारियल फोड़कर खेल महोत्सव के मंगलारंभ की घोषणा की गई, जबकि आतिशबाजी ने वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया.
मुख्य अतिथि आनंद मिश्र ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास करते हैं तथा राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं. विशिष्ट अतिथि महंत राजा राम शरण दास जी महाराज ने कहा कि खेल जीवन को संतुलन, संयम और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं. प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.) कृष्ण कान्त सिंह ने स्वागत संबोधन में सभी अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है.
खेल महोत्सव के पहले दिन 100 मीटर दौड़ में 120 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिन्हें आठ-आठ के बैच में विभाजित कर हीट रनिंग कराई गई. प्रत्येक हीट से प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सेमीफाइनल के लिए चयनित किया गया. इसी तरह 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1200 मीटर और 1500 मीटर दौड़ का आयोजन हुआ, जिसमें सभी ग्रुपों से प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी सेमीफाइनल में पहुंचे. सेमीफाइनल मुकाबले 31 जनवरी को होंगे.
शतरंज प्रतियोगिता में 24 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 12 खिलाड़ियों ने प्रथम चक्र में सफलता प्राप्त की. बैडमिंटन प्रतियोगिता में 40 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की, जिनके विजेता अगले चरण में प्रवेश कर चुके हैं.
उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी, एनसीसी कैडेट्स, विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे. खेल महोत्सव के दूसरे दिन गोला फेंक, बैडमिंटन, हाई जंप, लॉन्ग जंप और खो-खो सहित कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिससे प्रतियोगिता और रोमांच और बढ़ेगा.




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