वीडियो : फिर वही ट्रेन, फिर वही खेल, इंजन से निकली शराब ..

इंजन की तलाशी लेने पर छत और अन्य हिस्सों में बड़ी चालाकी से छिपाई गई शराब बरामद हुई. इसमें विभिन्न ब्रांड्स की बोतलें व टेट्रा पैक शामिल हैं. कुल 60.585 लीटर शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 43,100 रुपये बताई गई है.







                                         


  • ट्रेन के इंजन से फिर शराब बरामद, एक माह में तीसरी बड़ी कार्रवाई
  • ब्रह्मपुत्र मेल से लेकर डीडीयू–पटना पैसेंजर तक, रेल तस्करी नेटवर्क पर सवाल

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले में ट्रेनों के जरिए शराब तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. बीते एक माह के भीतर विभिन्न ट्रेनों से शराब की खेप बरामद होने से रेल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है. ताजा मामले में गुरुवार को एक बार फिर डीडीयू–पटना पैसेंजर ट्रेन के इंजन से भारी मात्रा में शराब बरामद की गई है, जिससे यह साफ हो गया है कि तस्कर लगातार एक ही ट्रेन और उसी तरीके का इस्तेमाल कर रहे हैं.

इस बाबत मिली जानकारी के अनुसार गुप्त सूचना मिली थी कि गाड़ी संख्या 63234 डीडीयू–पटना पैसेंजर ट्रेन के मध्य वाले इंजन में शराब छिपाकर ले जाई जा रही है. सूचना के आधार पर निरीक्षक प्रभारी बक्सर के नेतृत्व में आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की. निर्धारित समय दिन के 11:27 बजे ट्रेन के बक्सर स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या तीन पर पहुंचते ही चालक को मेमो देकर इंजन खुलवाया गया. जांच में पाया गया कि इंजन उत्तर दिशा से अंदर से कैच लगा हुआ था और दक्षिण दिशा से ताला बंद था.

इंजन की तलाशी लेने पर छत और अन्य हिस्सों में बड़ी चालाकी से छिपाई गई शराब बरामद हुई. इसमें विभिन्न ब्रांड्स की बोतलें व टेट्रा पैक शामिल हैं. कुल 60.585 लीटर शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 43,100 रुपये बताई गई है.

10 जनवरी को इसी ट्रेन के इंजन से मिली थी शराब की खेप :

यहां बता दें कि बीते दिनों डाउन ब्रह्मपुत्र मेल की एसी बोगी में छिपाकर रखी गई शराब बरामद की गई थी. इसके बाद 10 जनवरी 2026 को डीडीयू–पटना पैसेंजर ट्रेन के इंजन से शराब पकड़ी गई और अब गुरुवार को एक बार फिर उसी ट्रेन के इंजन से शराब बरामद होना कई सवाल खड़े कर रहा है.

तस्करी में रेलकर्मियों की संलिप्तता की आशंका :

लगातार इंजन और एसी बोगी जैसे संवेदनशील हिस्सों से शराब की बरामदगी ने रेलकर्मियों की संभावित संलिप्तता को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं. जानकारों का मानना है कि बिना अंदरूनी सहयोग के इस तरह की तस्करी संभव नहीं है. हालांकि फिलहाल किसी रेलकर्मी की भूमिका को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आरपीएफ और जीआरपी हर बिंदु पर जांच कर रही है. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में ट्रेनों की सघन जांच और तेज की जाएगी, ताकि इस संगठित शराब तस्करी नेटवर्क पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके.

वीडियो : 









Post a Comment

0 Comments