कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्रा की रहस्यमयी मौत, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल ..

अचानक तबीयत बिगड़ने और अस्पताल पहुंचने से पहले मौत की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. घटना के बाद शिक्षा विभाग से लेकर पुलिस प्रशासन तक हरकत में आ गया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है. 






                                         

  • रात को सामान्य थी हालत, सुबह उल्टी के बाद अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
  • सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बनारपुर गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय गुरुवार सुबह उस वक्त सनसनी का केंद्र बन गया, जब विद्यालय में रह रही 13 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. कक्षा सात की मूक-बधिर छात्रा मोहनी कुमारी की अचानक तबीयत बिगड़ने और अस्पताल पहुंचने से पहले मौत की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. घटना के बाद शिक्षा विभाग से लेकर पुलिस प्रशासन तक हरकत में आ गया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है.

विद्यालय में रात्रि देखरेख में तैनात महिला कर्मी किरण देवी के अनुसार बुधवार की रात छात्राओं को पनीर की सब्जी परोसी गई थी. सभी छात्राओं ने भोजन किया. मोहनी ने सब्जी को तीखा बताते हुए रोटी के साथ गुड़ खाकर भोजन किया और इसके बाद सामान्य रूप से सो गई. गुरुवार तड़के करीब पांच बजे अचानक उसे उल्टी होने लगी. तत्काल नमक के साथ गर्म पानी दिया गया, जिससे कुछ देर के लिए राहत मिली, लेकिन थोड़ी ही देर बाद उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई.

स्थिति गंभीर देख वार्डन और कर्मियों ने उसे अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की. बताया गया कि रास्ते में रेलवे क्रॉसिंग पर जाम लगने के कारण वाहन से उतरकर बच्ची को गोद में लेकर पैदल ही चौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.

सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस, चौसा के बीईओ और सीओ अस्पताल पहुंचे और जांच शुरू की. पुलिस ने विद्यालय के शिक्षक, वार्डन और कर्मचारियों से पूछताछ की है. साथ ही विद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.

मृत छात्रा मोहनी कुमारी चुरामनपुर गांव निवासी शिव शंकर पाण्डेय की पुत्री थी. वह दो बहनों और एक भाई में सबसे छोटी थी. पिता बाहर एक कंपनी में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. बड़े भाई शिवम पाण्डेय ने बताया कि स्कूल से सुबह फोन आया था कि बहन की हालत गंभीर है, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी.

घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है. परिजनों ने विद्यालय की स्वास्थ्य व्यवस्था, निगरानी और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि यदि समय पर बेहतर इलाज और सतर्कता बरती जाती, तो शायद मोहनी की जान बचाई जा सकती थी.

इस मामले में मुफस्सिल थाना के अपर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि महिला दारोगा के साथ अस्पताल पहुंचकर सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा.








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