अपने लंबे विधि जीवन में उन्होंने न केवल न्यायालय की गरिमा को बनाए रखा बल्कि कई युवा अधिवक्ताओं के लिए मार्गदर्शक की भूमिका भी निभाई.
- 2 जनवरी को न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे अधिवक्ता
- 1963 से व्यवहार न्यायालय में कर रहे थे विधि सेवा
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : व्यवहार न्यायालय के वरीय अधिवक्ता सच्चिदानंद राय का 1 जनवरी 2026 को निधन हो गया. उनके निधन की खबर से जिले के अधिवक्ता समाज में शोक की लहर दौड़ गई. दिवंगत अधिवक्ता के सम्मान में और शोक व्यक्त करते हुए बक्सर के अधिवक्ताओं ने 2 जनवरी को न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया है.
अधिवक्ता संघ के महासचिव बिंदेश्वरी प्रसाद पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि सच्चिदानंद राय वर्ष 1963 से व्यवहार न्यायालय में सक्रिय रूप से वकालत कर रहे थे. अपने लंबे विधि जीवन में उन्होंने न केवल न्यायालय की गरिमा को बनाए रखा बल्कि कई युवा अधिवक्ताओं के लिए मार्गदर्शक की भूमिका भी निभाई. उनकी सादगी, अनुशासन और कानून के प्रति गहरी समझ के कारण उन्हें अधिवक्ता समाज में विशेष सम्मान प्राप्त था.
महासचिव ने कहा कि वरीय अधिवक्ता का निधन पूरे विधि जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. इस दुख की घड़ी में पूरा अधिवक्ता समाज उनके स्वजनों के साथ मजबूती से खड़ा है और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है.
दिवंगत अधिवक्ता सच्चिदानंद राय के योगदान को स्मरण करते हुए अधिवक्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनका समर्पण और कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी.






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