माहौल भावुक हो गया, जब पृष्ठभूमि में गीत गूंजा—“हे मात-पिता तुम्हें वंदन, जो मुझे इस दुनिया में लाया…”. इस दृश्य ने भारतीय संस्कृति में माता-पिता के सर्वोच्च स्थान को जीवंत कर दिया.
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| कार्यक्रम का उद्घाटन करते अतिथि |
- माता-पिता के सम्मान से शुरू हुआ आयोजन, भावुक गीत ने छू लिया सभी का मन
- बच्चों ने लगाए व्यंजन व खेल-खिलौनों के स्टॉल, दिखी आत्मनिर्भरता और व्यापारिक समझ
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : सदर प्रखंड अंतर्गत कमरपुर पंचायत के कृतपुरा गांव स्थित एस.एस. कॉन्वेंट स्कूल परिसर उस समय उल्लास, रचनात्मकता और भावनाओं से भर उठा, जब विद्यालय में भव्य बाल मेले का आयोजन किया गया. इस मेले का उद्घाटन विद्यालय की निर्देशिका वंदना राय के बुजुर्ग सासु मां और ससुर, बनारसी देवी एवं विजय कुमार राय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया.
फीता कटते ही माहौल भावुक हो गया, जब पृष्ठभूमि में गीत गूंजा—“हे मात-पिता तुम्हें वंदन, जो मुझे इस दुनिया में लाया…”. इस दृश्य ने भारतीय संस्कृति में माता-पिता के सर्वोच्च स्थान को जीवंत कर दिया. विद्यालय प्रबंधन द्वारा माता-पिता को सर्वोपरि मानते हुए उन्हीं के करकमलों से उद्घाटन कराना कार्यक्रम की सबसे खास और प्रेरणादायी झलक रही.
उद्घाटन के बाद अतिथियों ने बच्चों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और उनके हाथों बने व्यंजनों का स्वाद लिया. साथ ही बच्चों से शुद्धता और स्वच्छता को लेकर सवाल भी किए गए. मेले में पानीपुरी, चाउमीन, बर्गर, मंचूरियन, समोसा, जलेबी, गाजर का हलवा, बिस्कुट, चिप्स और चॉकलेट जैसे आकर्षक स्टॉल लगाए गए थे. इनमें चाउमीन की सबसे अधिक मांग देखी गई. खास बात यह रही कि बच्चे स्वयं ही खरीद-बिक्री की जिम्मेदारी संभालते नजर आए, जिससे उनमें आत्मविश्वास और व्यावहारिक समझ स्पष्ट दिखी.
विद्यालय की निर्देशिका वंदना राय ने बताया कि बाल मेले का मुख्य उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ मनोरंजन और बाजार की बुनियादी समझ भी हासिल कर सकें. वहीं प्रधानाध्यापक त्रिलोचन कुमार ने कहा कि बच्चों के कलात्मक और रचनात्मक विकास के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं.
खान-पान के साथ-साथ बच्चों के मनोरंजन के लिए मिकी माउस स्लाइडिंग, जंपिंग यार्ड, प्लेन स्लाइडर और झूले लगाए गए थे. रंग-बिरंगे गुब्बारे, बांसुरी और तरह-तरह के खिलौनों ने मेले की रौनक और बढ़ा दी. छोटे से लेकर बड़े खिलौनों तक की खूब बिक्री हुई और बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलकती रही.
कार्यक्रम का प्रबंधन संभाल रहीं उप निर्देशिका जिज्ञासा कुमारी ने बताया कि उम्मीद से कहीं अधिक संख्या में अभिभावक मेले में शामिल हुए. उन्होंने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय विद्यालय परिवार, बच्चों और अभिभावकों की सामूहिक मेहनत को दिया.
बाल मेले में खुशी कुमारी, मानवी राय, साक्षी कुमारी, मोनालिका, अनुराधा, लक्ष्मी, प्रतिज्ञा, सपना, अदिति सिंह, कुमार प्रगति, अनमोल कुमार, पियूष पाठक सहित कई बच्चों ने स्टॉलों की जिम्मेदारी निभाई. शिक्षकों में लालसा मिश्रा, नूतन राय, नीलम कुमारी, प्रीति कुमारी, प्रिया कुमारी, मधु कुमारी, मिस तनु, प्रमोद कुमार, नितीश कुमार, बैजनाथ पांडेय, अनुज कुमार सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं.
कुल मिलाकर एस.एस. कॉन्वेंट स्कूल का यह बाल मेला न सिर्फ बच्चों की प्रतिभा और आत्मनिर्भरता का मंच बना, बल्कि माता-पिता के प्रति सम्मान, संस्कार और भावनात्मक जुड़ाव का भी सशक्त संदेश देकर गया.




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