पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह साइबर कैफे में आधार से पैसा निकालने आए ग्राहकों के अंगूठे का फिंगरप्रिंट क्लोन बना लेता था और उसी का इस्तेमाल कर खातों से पैसे निकालता था.
- फिंगरप्रिंट क्लोनिंग से उड़ाए गए हजारों रुपये, दो और आरोपी जेल भेजे गए
- मामले को लेकर पीड़ित के द्वारा साइबर थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी
एसपी शुभम आर्य के अनुसार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चक्रहंसी गांव निवासी रामआशीष सिंह के पुत्र अजीत कुमार सिंह ने 23 जून 2025 को साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि 7 मार्च 2025 से 1 मई 2025 के बीच उनके बैंक खाते से 20 बार में कुल एक लाख सात हजार रुपये की अवैध निकासी की गई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार कश्यप के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई. वैज्ञानिक तरीके से जांच के बाद सोनवर्षा थाना क्षेत्र के सुरेश सिंह के पुत्र अमन कुमार को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह साइबर कैफे में आधार से पैसा निकालने आए ग्राहकों के अंगूठे का फिंगरप्रिंट क्लोन बना लेता था और उसी का इस्तेमाल कर खातों से पैसे निकालता था.
जांच आगे बढ़ने पर दो अन्य आरोपियों के नाम सामने आए. इसके बाद साइबर थाना पुलिस ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चकरहंसी गांव निवासी सुभाष सिंह के पुत्र मिंटू सिंह और औद्योगिक थाना क्षेत्र के बरुणा गांव निवासी ब्रह्मेश्वर सिंह के पुत्र पंकज को गिरफ्तार कर लिया. दोनों ने अपने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की है.
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, एक फिंगरप्रिंट मशीन और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं. इन उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है. पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
गिरफ्तारी टीम में डीएसपी सह साइबर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार कश्यप, पुलिस निरीक्षक संजय कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक श्रीकांत, विकास कुमार लायक, शुभम कुमार, अनुपम कुमारी सहित साइबर थाना के जवान शामिल थे.




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