शॉर्ट सर्किट से मंझरिया में तबाही ..

आग बुझने के बाद भी पीड़ित परिवारों की परेशानी कम नहीं हुई है. घर-बार सब कुछ खो चुके परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ितों को तत्काल राहत सामग्री और उचित मुआवजा देने की मांग की है.






                                         



- रात के सन्नाटे में उजड़े पांच परिवार, एक गाय की मौत

- तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू, मुआवजे की मांग

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : सदर प्रखंड के खुंटहा पंचायत अंतर्गत मंझरिया गांव वार्ड नंबर एक में मंगलवार देर रात करीब 11 बजे अचानक लगी आग ने पांच गरीब परिवारों की जिंदगी पलभर में बदल दी. बिजली के तार में हुए शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी ने झोपड़ीनुमा घरों को अपनी चपेट में ले लिया. देखते ही देखते करीब दर्जन भर झोपड़ियां जलकर राख हो गईं और लोग जान बचाकर घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो गए.

ग्रामीणों के अनुसार झोपड़ियों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ. उससे निकली चिंगारी सीधे एक झोपड़ी पर गिरी और आग भड़क उठी. पुआल, पशु चारा और सूखे अनाज के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. नींद से जागे लोगों ने शोर मचाया और आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए. बाल्टी और पानी की मदद से आग बुझाने की कोशिश शुरू की गई, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई.

आग की चपेट में आकर शिवजी यादव अपने मवेशियों को बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलस गए. उन्हें तत्काल गोलम्बर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस अग्निकांड में एक गाय की मौके पर ही झुलसने से मौत हो गई, जबकि तीन अन्य मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गए.

घटना में किसान ललन यादव, गणेश यादव, कमलेश यादव, बबन यादव और शिवजी यादव के घरों में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया. करीब 70 हजार रुपये नगद, लगभग 60 क्विंटल धान और गेहूं सहित अन्य घरेलू अनाज भी पूरी तरह राख हो गए.

सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. अग्निशमन अनुमंडल पदाधिकारी सुनंदा कुमारी ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही दो यूनिट दमकल वाहनों को भेजा गया था. घटना में एक व्यक्ति झुलसा है, एक गाय की मौत हुई है और भारी मात्रा में अनाज व पशु चारा जल गया है.

आग बुझने के बाद भी पीड़ित परिवारों की परेशानी कम नहीं हुई है. घर-बार सब कुछ खो चुके परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ितों को तत्काल राहत सामग्री और उचित मुआवजा देने की मांग की है.








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