जिला पदाधिकारी बक्सर को पत्र लिखकर प्रगति यात्रा से जुड़ी योजनाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि विभागीय आपसी खींचतान और लापरवाही के कारण बक्सर शहर का समुचित विकास बाधित हो रहा है.
- नीतीश कुमार विचार मंच के संयोजक नन्द गोपाल प्रसाद का डीएम को पत्र, सड़क चौड़ीकरण में अवरोध हटाने की मांग
- वन विभाग, बिजली और टेलीफोन पोल को बताया शहर के विकास में सबसे बड़ी रुकावट
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : भ्रष्टाचार मिटाकर नया बिहार बनाने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से नीतीश कुमार विचार मंच के बिहार प्रदेश संयोजक नन्द गोपाल प्रसाद ने जिला पदाधिकारी बक्सर को पत्र लिखकर प्रगति यात्रा से जुड़ी योजनाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि विभागीय आपसी खींचतान और लापरवाही के कारण बक्सर शहर का समुचित विकास बाधित हो रहा है.
पूर्व लोक अभियोजक और जे.पी. सेनानी रहे नन्द गोपाल प्रसाद ने पत्र में उल्लेख किया है कि वे प्रगति यात्रा के प्रत्यक्षदर्शी सदस्य रहे हैं और उस समय बक्सर नगर की जीवन रेखा मानी जाने वाली मेन रोड के चौड़ीकरण में उनका भी योगदान रहा है. संचिका के अनुसार बड़ी मस्जिद से सेंट्रल जेल तक पुराने 18 फीट सड़क के अतिरिक्त दोनों तरफ 3-3 फीट चौड़ीकरण, दोनों ओर एक-एक मीटर चौड़ी नाली और पैदल यात्रियों के लिए पाथवे निर्माण की योजना तय की गई थी. इसके बाद बची भूमि पर सुनियोजित तरीके से बिजली पोल, पेड़ और अन्य संरचनाएं लगाने का प्रावधान था.
पत्र में वन विभाग पर बिना कारण बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि विभाग ने शहर में एक भी पेड़ नहीं लगाया, फिर भी सड़क निर्माण में पेड़ों को लेकर रोड़ा अटका रहा है. मृत टेलीफोन पोल, अव्यवस्थित बिजली के खंभे और बिना योजना लगाए गए पेड़ों को शहर की सबसे बड़ी समस्या बताया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी सड़क निर्माण से पहले अंचलाधिकारी से नापी कराकर एनओसी लेना जरूरी है और उसी के आधार पर निर्माण कार्य होना चाहिए.
नन्द गोपाल प्रसाद ने यह भी लिखा है कि जब प्रकलन बन चुका है और मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन भी किया जा चुका है, तो वन विभाग द्वारा पेड़ काटने से रोकना सरासर गलत है. इससे नालियों का निर्माण टेढ़ा-मेढ़ा हो रहा है, जो नियम और योजना दोनों के खिलाफ है. उन्होंने सड़क निर्माण के रास्ते में आने वाले सभी अवरोध जैसे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, कब्रिस्तान, बिजली के खंभे और मृत टेलीफोन पोल को बिना किसी पक्षपात के हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है.
पत्र के अंत में जिला पदाधिकारी से सभी संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक बुलाकर उसी बैठक में निर्णय लेने का आग्रह किया गया है. उन्होंने कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं भी बैठक में उपस्थित होकर अपनी बात रखने को तैयार हैं. साथ ही बक्सर शहर को सुंदर, सुव्यवस्थित और सुरक्षित सड़कें देने के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाने की अपील की गई है.




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