सामूहिक दुष्कर्म के आरोपितों को फांसी देने की मांग को लेकर सड़क जाम ..

जाम का नेतृत्व पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने किया. उन्होंने इसे बेहद नृशंस एवं निर्मम कुकृत्य बताते हुए कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए. डॉ. सिंह ने मांग की कि न्यायालय से स्पीडी ट्रायल के माध्यम से अपराधियों को शीघ्र कड़ी से कड़ी सजा दी जाए.







                                         



  • -पूर्व विधायक डॉ अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में सड़क पर बैठे ग्रामीण
  • एसपी के आश्वासन के बाद खत्म हुआ जाम

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले के : केसठ प्रखंड के एक गांव की एक स्कूली छात्रा के साथ शनिवार को कट्टा दिखाकर हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने समाज में व्याप्त भय को चरम पर पहुंचा दिया है. इस नृशंस अपराध ने न केवल बिहार सरकार एवं पुलिस प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है, बल्कि अपराधियों में प्रशासन के प्रति भय का समाप्त होना भी प्रमाणित कर दिया है. यह कहना है भाकपा (माले) के डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह का. उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आमजनता, विशेषकर लड़कियों एवं महिलाओं में व्याप्त भय के वातावरण पर गंभीर चिंता व्यक्त की है.

दरअसल, सामूहिक दुष्कर्म की इस घटना के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा रविवार सुबह फूट पड़ा. सुबह 9 बजे मोहनिया-आरा मुख्य मार्ग पर महुआरी गांव के समीप आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया. परिवार की सुरक्षा एवं आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग करते हुए उन्होंने जोरदार नारेबाजी की. लगभग 5 घंटे तक हाइवे जाम रहा, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. यात्रियों को भी ग्रामीणों ने सहयोग के लिए मनाया. जाम का नेतृत्व पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने किया. उन्होंने इसे बेहद नृशंस एवं निर्मम कुकृत्य बताते हुए कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए. डॉ. सिंह ने मांग की कि न्यायालय से स्पीडी ट्रायल के माध्यम से अपराधियों को शीघ्र कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों को केवल समझाने-बुझाने का प्रयास करती रही. ग्रामीण अपनी जिद पर अड़े रहे और एसपी बक्सर को मौके पर आने एवं कार्रवाई का आश्वासन देने तक जाम हटाने को तैयार न हुए. अंततः एसपी के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ.

पूर्व विधायक ने कहा कि यह घटना बिहार में लड़कियों एवं महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है। बिहार सरकार की महिलाओं-बच्चियों सुरक्षा नीतियां कागजों तक सीमित हैं. पुलिस प्रशासन अपराधियों पर शिकंजा कसने में असफल है, जिससे अपराधियों में प्रशासन का कोई डर नहीं बचा. आमजनता, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, भय के साये में जी रही है. स्कूल जाने वाली छात्राएं असुरक्षित हैं, परिवार चिंतित हैं. सरकार को तत्काल आरोपी गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित हो, फास्ट ट्रैक कोर्ट से फांसी की सजा हो. ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़े, सीसीटीवी लगें और जागरूकता अभियान चलें. भाकपा(माले) इस संघर्ष को जारी रखेगा.







Post a Comment

0 Comments