कहा कि बिना किसी पुष्टि के अफवाह फैलाना और सड़क जाम करना निंदनीय है. इससे आम जनता को परेशानी होती है और मानवता शर्मसार होती है. ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की गैरजिम्मेदाराना हरकत करने की हिम्मत न करे.
- बाजार समिति रोड ने हुई दुर्घटना में घायल हो गया है 24 वर्षीय ई रिक्शा चालक
- ट्रामा सेंटर में जीवन और मौत से जूझ रहा है दीपक कुमार
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर: नगर के बाजार समिति रोड में बुधवार सुबह तकरीबन 10 बजे हुई सड़क दुर्घटना में सिविल लाइंस मोहल्ला निवासी 24 वर्षीय ई-रिक्शा चालक दीपक कुमार की मौत की झूठी अफवाह ने बुधवार को बाजार समिति रोड पर हालात बिगाड़ दिए. बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के फैली इस खबर के बाद कुछ लोग आक्रोशित हो गए और सड़क पर उतर आए. देखते ही देखते बाजार समिति रोड पूरी तरह जाम कर दिया गया, जिससे घंटों तक आवागमन बाधित रहा. सड़क जाम के कारण आम लोगों, राहगीरों और जरूरी काम से निकलने वालों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. मौके पर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह भी पहुंचे लेकिन वह भी अफवाह मास्टरों की बातों से भ्रमित हो गए तथा मुआवजा दिलाने की प्रक्रियाओं के बारे में चर्चा करने लगे. हालांकि खबर झूठी निकली और अब लोग अफवाह फैलाने इस घटना को मानवता को शर्मसार करने वाली बात बता रहे हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल ई-रिक्शा चालक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था. इसी बीच किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसकी मौत की अफवाह फैला दी गई. अफवाह फैलते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ लोगों ने सड़क जाम कर हंगामा शुरू कर दिया. सूचना मिलते ही नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास शुरू किया.
तीन घंटों तक जाम रही सड़क
नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और जाम कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराने की कोशिश की. उन्होंने साफ शब्दों में बताया कि घायल व्यक्ति की मौत नहीं हुई है और उसका इलाज चल रहा है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि दुर्भाग्यवश उसकी मृत्यु होती है तो सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा. पुलिस की लगातार समझाइश और वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद धीरे-धीरे लोगों का आक्रोश शांत हुआ और करीब तीन घंटे बाद सड़क से जाम हटाया जा सका.
मौत की झूठी खबर फैलाने को बताया मानवता को शर्मशार करने वाली घटना
मौत की खबर झूठी साबित होने के बाद कई सामाजिक लोगों ने इस तरह की अराजकता फैलाने पर कड़ी नाराजगी जताई. पूर्व लोक अभियोजक नन्द गोपाल प्रसाद ने कहा कि बिना किसी पुष्टि के अफवाह फैलाना और सड़क जाम करना निंदनीय है. इससे आम जनता को परेशानी होती है और मानवता शर्मसार होती है. ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की गैरजिम्मेदाराना हरकत करने की हिम्मत न करे.
पुलिस ने पेश की मानवता, इलाज में की आर्थिक मदद
इस पूरे घटनाक्रम के बीच नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने मानवीय पहल का भी परिचय दिया. घायल ई-रिक्शा चालक के इलाज में सहायता के लिए उन्होंने स्वयं आर्थिक सहयोग किया और कई सामाजिक लोगों को भी इस मदद से जोड़ा. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन मानवता के नाते पीड़ित की मदद करना भी उनका फर्ज है. उनकी इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की है.




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