नशा-मुक्त समाज की दिशा में सशक्त पहल, महिला कॉलेज में जागरूकता क्विज का आयोजन ..

प्रश्न पत्र में नशे के दुष्प्रभाव, इसके सामाजिक और पारिवारिक प्रभाव, नशा से जुड़े कानूनी प्रावधान तथा नशा मुक्ति से संबंधित सामान्य ज्ञान पर आधारित प्रश्न शामिल थे. लिखित परीक्षा के मूल्यांकन के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शीर्ष 30 छात्राओं का चयन किया गया.








                                         





  • नशे के दुष्प्रभाव और कानून पर हुई कड़ी परीक्षा, 283 छात्राओं ने दिखाया ज्ञान और सामाजिक सरोकार
  • अमन राय प्रथम, आनंद राय द्वितीय और श्रेयांशु राय तृतीय, शपथ के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

बक्सर टॉप न्यूज़,  बक्सर : छात्राओं के बीच नशा विरोधी चेतना को मजबूत करने और स्वस्थ, सकारात्मक व जिम्मेदार जीवनशैली के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से चाणक्य एकेडमी महिला कॉलेज, सरेंजा परिसर में नशा मुक्ति थीम पर एक व्यापक क्विज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि नशा-मुक्त समाज की दिशा में एक प्रभावी संदेश भी देने में सफल रहा.

प्रतियोगिता के प्रथम चरण में कुल 283 छात्राओं ने लिखित परीक्षा में भाग लिया. प्रश्न पत्र में नशे के दुष्प्रभाव, इसके सामाजिक और पारिवारिक प्रभाव, नशा से जुड़े कानूनी प्रावधान तथा नशा मुक्ति से संबंधित सामान्य ज्ञान पर आधारित प्रश्न शामिल थे. लिखित परीक्षा के मूल्यांकन के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शीर्ष 30 छात्राओं का चयन किया गया.

चयनित प्रतिभागियों को छह समूहों में विभाजित कर मौखिक प्रश्न-उत्तर सत्र आयोजित किया गया, जहां छात्राओं ने आत्मविश्वास, तार्किक क्षमता और विषय की गहरी समझ का प्रभावशाली प्रदर्शन किया. कड़े और निष्पक्ष मूल्यांकन के बाद अमन राय को प्रथम पुरस्कार, आनंद राय को द्वितीय पुरस्कार तथा श्रेयांशु राय को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया. विजेताओं को मोमेंटो दिए गए, जबकि शीर्ष 30 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया.

यह आयोजन चाणक्य फाउंडेशन, सरेंजा के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें कॉलेज प्रशासन, शिक्षकगण और आयोजक टीम की सक्रिय भूमिका रही. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्राओं को नशा से दूर रहने, समाज में जागरूकता फैलाने और स्वयं को स्वस्थ व सशक्त बनाने की शपथ दिलाई गई, जिससे यह आयोजन एक प्रतियोगिता से बढ़कर सामाजिक बदलाव की सार्थक पहल बन गया.

कार्यक्रम को सफल बनाने में फाउंडेशन के निदेशक राम नारायण, पवन कुमार राय, गोविंद मिश्रा, समर्पण शर्मा, सतीश उपाध्याय, विश्वजीत दुबे, राहुल श्रीवास्तव, रोहित चौधरी, अभिषेक कुमार ओझा, नीतू श्रीवास्त और अदिति साहनी का सराहनीय योगदान रहा.







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