कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं को केवल अपने व्यक्तिगत भविष्य तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि राष्ट्र के भविष्य से स्वयं को जोड़ना होगा.
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| सम्मान प्राप्त करती डीडीसी |
- भारत विकास परिषद के आयोजन में क्विज प्रतियोगिता, मेधावी छात्रों और प्रेरणादायी युवाओं का सम्मान
- डीडीसी निहारिका छवि और अध्यक्ष वर्षा पांडेय ने युवाओं को राष्ट्रनिर्माण से जुड़ने की दी प्रेरणा
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : भारत विकास परिषद के तत्वावधान में श्रीमती वर्षा पांडेय की अध्यक्षता में स्वामी विवेकानंद जयंती का भव्य आयोजन उत्साह और गरिमा के साथ किया गया. युवा जागृति कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं और विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के विचारों से जोड़ते हुए राष्ट्रनिर्माण के प्रति प्रेरित किया गया. इस अवसर पर विवेकानंद जी के जीवन, विचार और राष्ट्रदर्शन पर आधारित क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ, जिसमें बक्सर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
क्विज प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यालयों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया. आयोजन ने विद्यार्थियों में ज्ञान, अनुशासन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना को मजबूत किया.
कार्यक्रम के दौरान समाज के कुछ विलक्षण और प्रेरणादायी युवाओं को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया. नेत्रहीन क्रिकेट वर्ल्ड कप विजेता अनु चौधरी के माता-पिता, बक्सर की बेटी एवं वीमेंस अंडर-15 वनडे ट्रॉफी की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी तेजस्विनी, फिजिकल फिटनेस ट्रेनर अनिकेत कुमार तथा रक्तवीर बजरंगी मिश्रा को उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डीडीसी निहारिका छवि रहीं. विशिष्ट अतिथियों में डीपीओ पंकज द्विवेदी, शिक्षाविद् प्रदीप पाठक, अखिल भारतीय संगठन सचिव (पूर्व क्षेत्र) वाल्मीकि कुमार, एम.पी. हाई स्कूल के प्राचार्य एवं जिला सामाजिक समरसता संयोजक संजय राय शामिल रहे. सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर स्वामी विवेकानंद एवं भारत माता के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की. कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुआ.
युवाओं को संबोधित करते हुए डीडीसी निहारिका छवि ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन हमें अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देता है. उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का मानना था कि यदि हम अनुशासित होकर जीवन में किसी लक्ष्य को पाने के लिए आगे बढ़ें, तो निश्चित रूप से वह लक्ष्य प्राप्त होता है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि हमें आलस और प्रमाद को छोड़कर अनुशासित तरीके से आगे बढ़ना चाहिए.
अध्यक्षीय संबोधन में वर्षा पांडेय ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं को केवल अपने व्यक्तिगत भविष्य तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि राष्ट्र के भविष्य से स्वयं को जोड़ना होगा. भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए आर्थिक स्वावलंबन के साथ स्वदेशी के प्रति स्वाभिमान और सम्मान की भावना का जागरण जरूरी है.
कार्यक्रम का सफल संचालन पुष्पेन्दु मिश्रा ने किया. आयोजन में संगठन के सदस्य, बुद्धिजीवी, समाजसेवी और सैकड़ों की संख्या में युवा मौजूद रहे. प्रमुख रूप से जयप्रकाश मिश्रा, प्रकाश पांडेय, प्रेम प्रकाश चौबे, ट्रिनिटी स्कूल के निदेशक धीरज कुमार, डॉ श्रवण कुमार तिवारी, श्रीकृष्ण चौबे, संजय सिंह (राजनेता), भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष, शोभा चौबे, रीना, संगीता सिंह, मंजू तिवारी, लक्ष्मी, मीरा और मीना सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
क्विज प्रतियोगिता में कैम्ब्रिज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ग्लोबल विजडम, ट्रिनिटी स्कूल, एम.पी. हाई स्कूल और श्री राधा वल्लभ करियर एकेडमी के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे पूरा आयोजन प्रेरणादायी और यादगार बन गया.




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