सन् 1962 से चल रही परंपरा, पंचमुखी शिव मंदिर में सजेगा दिव्य विवाह उत्सव ..

बारात के स्वागत के लिए मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है. रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की सजावट और भव्य स्वागत द्वार तैयार किए जा रहे हैं. बारातियों के सत्कार के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिसमें नगरवासियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है.

भगवान भोलेनाथ का पूजन करते भक्त

 






                                         


माता पार्वती के साथ खड़े भक्त

- महाशिवरात्रि पर खलासी मोहल्ला से निकलेगी भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात

- चरित्रवन स्थित पंचमुखी शिव मंदिर में बारात के आगमन को लेकर तैयारियां जोरों पर 

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर चरित्रवन स्थित पंचमुखी शिव मंदिर में वर्ष 1962 से चली आ रही भगवान भोलेनाथ की बारात की परंपरा इस वर्ष भी पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ निभाई जा रही है. मंदिर परिसर में बारात के आगमन को लेकर जोर-शोर से तैयारियां जारी हैं और पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में डूबा हुआ है.

मंदिर परिसर की सजावट करते भक्त

मंदिर प्रबंधन समिति के संजय सिंह ने बताया कि भगवान भोलेनाथ की बारात खलासी मोहल्ला से निकलेगी और निर्धारित मार्ग से होते हुए चरित्रवन स्थित पंचमुखी शिव मंदिर पहुंचेगी. बारात के स्वागत के लिए मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है. रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की सजावट और भव्य स्वागत द्वार तैयार किए जा रहे हैं. बारातियों के सत्कार के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिसमें नगरवासियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है.

सजाया जा रहा मंदिर 

उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि से पूर्व हल्दी, मेहंदी और तिलक समारोह भी पूरे उत्साह के साथ संपन्न हुआ. इन रस्मों में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और भक्ति, श्रद्धा तथा उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला. पूरा माहौल शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया.

मौके पर मौजूद अभिषेक मिश्र, महावीर जायसवाल, कन्हैया चौधरी, कृष्णा कुमार, उमाशंकर गुप्ता, राम जी गौर तथा गोपाल जी वर्मा ने कहा कि भगवान भोलेनाथ अपने नाम के अनुरूप अत्यंत भोले हैं. उनकी भक्ति के लिए किसी विशेष आडंबर या विधि-विधान की आवश्यकता नहीं होती. भक्त जिस भाव और श्रद्धा से उनकी आराधना करता है, भगवान उसे प्रेमपूर्वक स्वीकार करते हैं.

उन्होंने कहा कि इस वर्ष निकलने वाली भगवान भोलेनाथ की बारात की भव्यता देखते ही बनेगी. भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती के विवाह की सभी रस्में उसी प्रकार निभाई जाती हैं जैसे सामान्य विवाह में होती हैं. यही विशेषता इस आयोजन को अनूठा और आकर्षक बनाती है.

श्रद्धालुओं ने कामना की कि भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का आशीर्वाद समस्त देशवासियों पर सदैव बना रहे और समाज में सुख, शांति व समृद्धि का वास हो. महाशिवरात्रि को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह चरम पर है और श्रद्धालु दिव्य बारात के दर्शन को आतुर हैं.








Post a Comment

0 Comments