ऊंचाई बढ़ने से स्टेशन रोड पर बढ़ी दुर्घटनाएं, जेल रोड में नाले के लेवल पर विवाद ..

लोगों का आरोप है कि स्टेशन रोड की ऊंचाई बढ़ा देने से दोपहिया वाहन और ई-रिक्शा लगातार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, वहीं जेल रोड में नाला निर्माण से पहले अतिक्रमण नहीं हटाए जाने और नाले का लेवल सही नहीं रखने से भविष्य में जलनिकासी की समस्या खड़ी हो सकती है.






                                         



- ऊंची सड़क और अधूरी तैयारी से बढ़ी परेशानी, निर्माण कार्यों पर उठे सवाल 
- शिकायतों के बाद कार्यपालक अभियंता ने सहायक अभियंता को दिए जांच के निर्देश

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर में पथ निर्माण विभाग द्वारा रेलवे स्टेशन रोड की मरम्मत और जेल रोड में सड़क चौड़ीकरण व नाला निर्माण का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने लगी हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्टेशन रोड की ऊंचाई बढ़ा देने से दोपहिया वाहन और ई-रिक्शा लगातार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, वहीं जेल रोड में नाला निर्माण से पहले अतिक्रमण नहीं हटाए जाने और नाले का लेवल सही नहीं रखने से भविष्य में जलनिकासी की समस्या खड़ी हो सकती है.

नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी अनुराग पांडेय ने बताया कि रेलवे स्टेशन रोड की ऊंचाई बढ़ने के कारण सड़क किनारे दुकानों और गलियों का स्तर नीचे हो गया है. इससे दोपहिया वाहन चालक असंतुलित होकर गिर रहे हैं. उनका कहना है कि नियमित रूप से छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन निर्माण अभियंता इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है.

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता दीपक सिंह ने जेल रोड में चल रहे नाला निर्माण पर सवाल उठाते हुए कहा कि नाले का लेवल तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं दिख रहा है. यदि ढाल सही नहीं रही तो पानी की निकासी बाधित होगी और बरसात के दिनों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य के दौरान अभियंताओं की नियमित उपस्थिति नहीं दिखती, जिससे गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है.

नई सड़क निर्माण के दौरान पुरानी परत हटाना जरूरी : प्रदीप शरण

सामाजिक कार्यरता प्रदीप शरण बताते हैं कि नई सड़क निर्माण के पूर्व पुरानी सड़क के अवशेष को हटाया जाना आवश्यक है. क्योंकि ऐसा नहीं किए जाने पर जल निकासी बाधित होती है, पुराने घर नीचे हो जाते हैं तथा दुर्घटनाओं की भी आशंका बढ़ जाती है. न्यायालयों खासकर सुप्रीम कोर्ट ने भी कई मामलों की सुनवाई के दौरान इस तरह के निर्देश दिए हैं.

बोले अभियंता : करा रहे हैं मामले की जांच 

इस संबंध में पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता जितेंद्र कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही सहायक अभियंता को जांच के निर्देश दे दिए गए हैं. जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक और उचित कार्रवाई की जाएगी.







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