कहा कि आज तक इस तीर्थ स्थल के समग्र विकास, आधारभूत सुविधाओं, धार्मिक पर्यटन से जुड़ी संरचना, आवागमन की सुविधा तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कोई समर्पित और व्यापक योजना प्रभावी रूप से लागू नहीं की गई है.
अधिवक्ताओं और सामाजिक लोगों की मांग पर संसद में उठी आवाज
रामरेखा घाट से सिद्धाश्रम तक धार्मिक पर्यटन और आधारभूत ढांचे के लिए विशेष योजना की पैरवी
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के अधिवक्ताओं तथा सामाजिक लोगों की मांग पर राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने संसद में बक्सर के समग्र विकास का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया. उन्होंने केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि बिहार राज्य के बक्सर जिले में स्थित ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के तीर्थ स्थल का अब तक समुचित विकास नहीं हो पाया है, जबकि यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है.
सदन में अपने संबोधन के दौरान मिश्रा ने कहा कि बक्सर प्राचीन काल से ही आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है. यहां स्थित रामरेखा घाट, सिद्धाश्रम, रामेश्वर मंदिर, वामन अवतार स्थल, नाथ बाबा मंदिर और रामेश्वर स्थान मंदिर सहित अनेक ऐसे तीर्थ स्थल हैं, जिनका उल्लेख धार्मिक ग्रंथों और ऐतिहासिक स्रोतों में मिलता है. उन्होंने कहा कि देश के अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों जैसे अयोध्या, काशी, उज्जैन और द्वारिका की भांति बक्सर भी एक महत्वपूर्ण धार्मिक क्षेत्र बनने की पूर्ण क्षमता रखता है.
मिश्रा ने अफसोस जताते हुए कहा कि आज तक इस तीर्थ स्थल के समग्र विकास, आधारभूत सुविधाओं, धार्मिक पर्यटन से जुड़ी संरचना, आवागमन की सुविधा तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कोई समर्पित और व्यापक योजना प्रभावी रूप से लागू नहीं की गई है. उन्होंने सरकार से यह भी जानना चाहा कि बक्सर क्षेत्र में पर्यटन आधारित विकास, सड़क और परिवहन व्यवस्था, रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने तथा आधारभूत ढांचे के विकास को लेकर केंद्र सरकार की कौन-कौन सी योजनाएं प्रस्तावित या संचालित हैं.
राज्यसभा सांसद ने स्पष्ट कहा कि यदि बक्सर के तीर्थ स्थलों और पूरे क्षेत्र का समुचित विकास किया जाता है तो इससे न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, सामाजिक स्थिति में सुधार होगा और बिहार के समग्र विकास को भी गति मिलेगी.
सांसद की इस पहल को लेकर बक्सर के अधिवक्ताओं और सामाजिक संगठनों में संतोष देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों का मानना है कि संसद में बक्सर की आवाज उठने से विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और केंद्र सरकार का ध्यान इस ऐतिहासिक क्षेत्र की ओर आकृष्ट होगा.
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