कहा कि कांग्रेस पार्टी और देश की जनता सेना के सम्मान, संविधान की रक्षा और लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी. राहुल गांधी की आवाज करोड़ों भारतवासियों की आवाज है, जिसे कोई सत्ता दबा नहीं सकती.
- डॉ. मनोज पांडेय ने कहा—यह लोकतंत्र और सैनिक सम्मान का अपमान है
- विपक्ष की आवाज दबाना संविधान और संसदीय परंपराओं पर हमला है
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को संसद में अपनी बात रखने से रोकने की घटना पर बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी डॉ. मनोज पांडेय ने कड़ा विरोध जताया है. डॉ. पांडेय ने इसे लोकतंत्र के मूल्यों के विरुद्ध और देश की सेना के सम्मान का अपमान करार दिया.
उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में विपक्ष की भूमिका उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी सत्ता पक्ष की. राहुल गांधी विपक्ष के नेता होने के नाते जनता की आवाज, देश की सुरक्षा और सैनिकों के सम्मान से जुड़े मुद्दे संसद में उठाना चाहते थे, लेकिन मोदी सरकार ने उन्हें बोलने से रोककर लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुँचाई है.
डॉ. पांडेय ने आगे बताया कि यह रोकथाम केवल विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास नहीं है, बल्कि संविधान, संसदीय परंपराओं और जनता के अधिकारों पर सीधा हमला है. उन्होंने कहा—“देश के पूर्व सेवा प्रमुख द्वारा जताई गई चिंताओं पर संसद में चर्चा कराना विपक्ष का संवैधानिक कर्तव्य है. राहुल गांधी जी केवल सेना के मनोबल और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब चाहते थे.”
डॉ. पांडेय ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी का उद्देश्य कभी भी सेना का अपमान करना नहीं रहा. वे हमेशा सैनिकों के कल्याण और सम्मान के पक्षधर रहे हैं. उन्होंने कहा—“मोदी और शाह के इशारों पर संसद को बहस का मंच नहीं, बल्कि सत्ता का एकतरफा मंच बना दिया गया है. अगर आज नेता प्रतिपक्ष को रोका जा रहा है, तो कल आम नागरिक की आवाज भी दबाई जाएगी.”
अंत में डॉ. पांडेय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और देश की जनता सेना के सम्मान, संविधान की रक्षा और लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी. राहुल गांधी की आवाज करोड़ों भारतवासियों की आवाज है, जिसे कोई सत्ता दबा नहीं सकती.




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