भगवान वामन पंचकोशी कॉरिडोर की मांग तेज, विजय मिश्र ने पर्यटन सचिव को सौंपा ज्ञापन ..

मांग की है कि पंचकोशी परिक्रमा स्थलों और भगवान वामन मंदिर को पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण योजना में शामिल कर कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए. उनका कहना है कि इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे. 

बिहार सरकार के पर्यटन सचिव से मिलते विजय कुमार मिश्र 






                                         


- बक्सर को वाराणसी–अयोध्या की तर्ज पर विकसित करने की अपील, रोजगार सृजन पर जोर
- पंचकोशी मेला और पौराणिक स्थलों को विशेष योजना में शामिल करने का अनुरोध
 
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले को धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है. वरिष्ठ भाजपा नेता विजय कुमार मिश्र ने 18 फरवरी 2026 को बिहार सरकार के पर्यटन सचिव डा निलेश रामचंद्र देवरे को पत्र लिखकर “भगवान वामन पंचकोशी कॉरिडोर” के निर्माण की मांग की है. उन्होंने कहा है कि पौराणिक गौरव से समृद्ध बक्सर आज भी पर्यटन विकास से वंचित है, जबकि इसकी महत्ता वाराणसी और अयोध्या से किसी मायने में कम नहीं है.
 
विजय कुमार मिश्र ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि बक्सर त्रेता युग से जुड़ी पावन भूमि है. मान्यता है कि भगवान वामन का अवतार यहीं हुआ था तथा प्रभु श्रीराम ने महर्षि विश्वामित्र की तपोस्थली में शिक्षा ग्रहण की थी. पंचकोशी परिक्रमा की परंपरा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम ने शिक्षा पूर्ण होने के बाद पाँच ऋषियों के आश्रमों में एक-एक रात विश्राम कर आशीर्वाद लिया था. उसी परंपरा के तहत आज भी विशाल पंचकोशी मेला आयोजित होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं और एक दिन में लगभग पांच लाख लोग लिट्टी-चोखा बनाकर प्रसाद ग्रहण करते हैं.
 
पत्र में यह भी कहा गया है कि बक्सर गंगा तट पर स्थित है, जहाँ गंगा उत्तरायणी बहती हैं. सतयुग में इसे सिद्धाश्रम, त्रेता में वामनाश्रम, द्वापर में वेदगर्भापुरी और कलयुग में व्याघ्रसर (बक्सर) के नाम से जाना गया. च्यवन ऋषि की जन्मस्थली होने का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे तप और तीर्थ की भूमि बताया.
 
विजय मिश्र ने मांग की है कि पंचकोशी परिक्रमा स्थलों और भगवान वामन मंदिर को पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण योजना में शामिल कर कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए. उनका कहना है कि इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे. उन्होंने विभाग से प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कर उन्हें अवगत कराने का अनुरोध किया है.

गौरतलब है कि पिछले वर्ष आईटीआई मैदान में आयोजित आचार्य देवकीनंदन ठाकुर की भागवत कथा के दौरान बक्सर को तीर्थ क्षेत्र के रूप में विकसित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर, सांसद मनोज तिवारी, भाजपा नेता नीरज सिंह तथा पूर्व सांसद अश्विनी कुमार चौबे सहित कई राजनीतिक दिग्गज मौजूद थे. सभी ने बक्सर के धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसके समग्र विकास का आश्वासन दिया था.
इसी क्रम में विजय कुमार मिश्र ने केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर को पत्र भेजकर पंचकोशी को स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत पर्यटन सर्किट में शामिल करने की मांग की. शांतनु ठाकुर ने 12 नवम्बर 2025 को पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को डी.ओ. पत्र लिखकर इस विषय पर उचित कार्रवाई का अनुरोध किया. इसके जवाब में 1 दिसम्बर 2025 को गजेंद्र सिंह शेखावत ने पत्र प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले को मंत्रालय के संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित कर दिया.

इसके बाद 20 जनवरी 2026 को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया ने भी विजय कुमार मिश्र के आवेदन के आधार पर पर्यटन मंत्री को पत्र भेजा. इसमें पंचकोशी परिक्रमा स्थलों और भगवान वामन मंदिर को प्रसाद योजना में शामिल कर ‘भगवान वामन पंचकोशी कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने का आग्रह किया गया है.

विजय कुमार मिश्र ने बताया कि उनकी मांग पर स्वदेश दर्शन योजना में बक्सर को शामिल करने तथा पंचकोशी सर्किट के रूप में विकसित करने की दिशा में सकारात्मक पहल हुई है.







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