जयशंकर प्रसाद की कालजयी कृति ‘कामायनी’ पर आधारित यह शोध काव्यशास्त्रीय दृष्टि से नए विमर्श प्रस्तुत करता है. शोध में काव्य, दर्शन और साहित्यिक मूल्यों के सूक्ष्म विश्लेषण को विशेष महत्व दिया गया है, जिसकी अकादमिक जगत में सराहना हो रही है.
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| राज्यपाल के हाथों उपाधि प्राप्त करती प्रतिभा |
- बक्सर की बहू प्रतिभा कुमारी को पीएचडी, राज्यपाल ने दी डॉक्टरेट की उपाधि
- वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में जिले का नाम रोशन
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के सातवें दीक्षा समारोह-2026 में बक्सर की प्रतिभाशाली बहू प्रतिभा कुमारी को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पीएचडी (डाक्टरेट) की उपाधि से सम्मानित किया गया. समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल सह कुलाधिपति आरिफ मोहम्मद खां ने उन्हें यह उपाधि प्रदान की. इस अवसर पर मौजूद शिक्षाविदों और शुभचिंतकों ने इसे बक्सर के लिए गौरव का क्षण बताया और कहा कि शिक्षा व शोध के प्रति समर्पण ही सफलता की सच्ची कुंजी है.
प्रतिभा कुमारी ने अपना शोध कार्य “कामायनी का काव्यशास्त्रीय अन्वेषण” विषय पर पूर्ण किया है. हिंदी साहित्य के महान कवि जयशंकर प्रसाद की कालजयी कृति ‘कामायनी’ पर आधारित यह शोध काव्यशास्त्रीय दृष्टि से नए विमर्श प्रस्तुत करता है. शोध में काव्य, दर्शन और साहित्यिक मूल्यों के सूक्ष्म विश्लेषण को विशेष महत्व दिया गया है, जिसकी अकादमिक जगत में सराहना हो रही है.
मूल रूप से बक्सर के सोमेश्वर स्थान, सेंट्रल जेल रोड की रहने वाली प्रतिभा कुमारी इंदिरा उच्च विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रतिष्ठित शिक्षक डा. विनायक चतुर्वेदी की पुत्रवधू हैं. वे शिक्षक कुमार संपूर्णानंद की पत्नी हैं. उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं स्थानीय नागरिकों ने इसे जिले की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया है.
शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रतिभा कुमारी की यह सफलता आने वाली पीढ़ी, विशेषकर महिला शोधार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देगी.




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