न्यायालय परिसर में गूंजा नशा मुक्ति का संकल्प ..

कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है. नशा पीड़ितों को अपराधी नहीं, बल्कि मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के रूप में देखने की जरूरत है और अन्य बीमारियों की तरह उनके उपचार के लिए रिहैब सेंटर का सहारा लेना चाहिए.






                                         


  • जागरूकता, रोकथाम और पुनर्वास पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
  • न्यायपालिका और चिकित्सा क्षेत्र के समन्वय पर दिया गया बल

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित DLSA हॉल में सोमवार को “नशा मुक्ति: जागरूकता, रोकथाम एवं पुनर्वास” विषय पर आयोजित एक दिवसीय सेमिनार में न्यायपालिका, चिकित्सा क्षेत्र और समाजसेवी संस्थाओं ने संयुक्त रूप से नशे के खिलाफ सशक्त अभियान का संदेश दिया. कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने नशा मुक्त समाज निर्माण का सामूहिक संकल्प भी लिया.

23 फरवरी 2026 को प्रातः 10 बजे आयोजित यह सेमिनार DAWN Program (Drug Awareness and Wellness Navigation) के अंतर्गत हुआ, जिसका संयुक्त आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), बक्सर एवं बक्सर मेडिकल सिटी फाउंडेशन द्वारा किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण और अतिथियों के स्वागत से हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन कर जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झांब ने औपचारिक उद्घाटन किया.

मंच पर प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट मनोज कुमार, ADJ-1 उदय प्रताप सिंह, ADJ-2 मनीष कुमार शुक्ला, ADJ-3 सुदेश कुमार श्रीवास्तव, बार एसोसिएशन के सचिव विंदेश्वरी प्रसाद पाण्डेय तथा बक्सर मेडिकल सिटी फाउंडेशन के निदेशक राम नारायण मौजूद रहे. सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है. नशा पीड़ितों को अपराधी नहीं, बल्कि मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के रूप में देखने की जरूरत है और अन्य बीमारियों की तरह उनके उपचार के लिए रिहैब सेंटर का सहारा लेना चाहिए.

दूसरे सत्र में निदेशक राम नारायण ने DAWN Program की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि नशा मुक्ति के लिए समाज, चिकित्सा क्षेत्र और न्याय व्यवस्था के समन्वित प्रयास जरूरी हैं. इसके बाद DLSA की सचिव सुश्री नेहा दयाल ने नशा उन्मूलन में न्यायपालिका की भूमिका और निःशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला.

सदर अस्पताल, बक्सर के मनोवैज्ञानिक के. के. पांडेय ने नशे के दुष्प्रभाव, रोकथाम के उपाय और उपचार सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा परिवार की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया.

कार्यक्रम के दौरान पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया. पहले सत्र का संचालन सिविल जज सुश्री नेहा त्रिपाठी और अन्य सत्रों का संचालन वैष्णवी मिश्रा ने किया. धन्यवाद ज्ञापन स्नेहा कुमारी चौरसिया ने किया.

कार्यक्रम को सफल बनाने में DLSA के दीपेश कुमार, सुधीर कुमार तथा फाउंडेशन के अजय कुमार, कृष्ण जायसवाल, इंद्रजीत चौबे और मुकेश कुमार खरवार का योगदान रहा.








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