रेलवे कर्मचारियों की हक की आवाज बुलंद करने वाले पी. सिवन पिल्लई को दी गई श्रद्धांजलि ..

कहा कि पिल्लई केवल एक स्टेशन मास्टर भर नहीं थे, बल्कि वे कर्मचारियों के अधिकारों की आवाज थे. उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों से कभी समझौता नहीं किया और हमेशा सत्य व न्याय के पक्ष में खड़े रहे. 






                                         


  • बक्सर रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा
  • संघर्ष, साहस और कर्मचारियों के अधिकारों के लिए समर्पण को किया गया याद

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : मास्टरडे के अवसर पर बक्सर रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित एक गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत स्टेशन मास्टर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई. सभा में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके जीवन, संघर्ष और आत्मसम्मान की भावना को याद करते हुए उन्हें कर्मनिष्ठा और साहस का प्रतीक बताया.

वक्ताओं ने कहा कि पिल्लई केवल एक स्टेशन मास्टर भर नहीं थे, बल्कि वे कर्मचारियों के अधिकारों की आवाज थे. उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों से कभी समझौता नहीं किया और हमेशा सत्य व न्याय के पक्ष में खड़े रहे. उनका जीवन त्याग, अनुशासन और आत्मसम्मान की ऐसी मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी.

सभा में उनके संघर्षपूर्ण जीवन के विभिन्न प्रसंगों को साझा किया गया. वक्ताओं ने कहा कि पिल्लई ने जिस दृढ़ता और साहस के साथ कर्मचारियों की समस्याओं को उठाया, वह आज भी मार्गदर्शक है. उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हुए उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.

कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रैफिक इंस्पेक्टर विंध्याचल पाण्डेय ने की. इस अवसर पर स्टेशन मास्टर रजत सक्सेना, दिलीप कुमार सहित बक्सर स्टेशन की तकनीकी शाखा के कर्मचारीगण मौजूद रहे. अंत में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पिल्लई के बताए मार्ग पर चलकर ही कर्मचारियों के अधिकारों और आत्मसम्मान की सच्ची रक्षा संभव है.








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