रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की मांग तेज, दिल्ली तक पहुंची आवाज ..

स्पष्ट रूप से मांग रखी कि रघुनाथपुर स्टेशन का विकास वाराणसी रेलवे स्टेशन की तर्ज पर किया जाए और इसे आकर्षक एवं भव्य रूप दिया जाए, ताकि यह क्षेत्र के धार्मिक महत्व के अनुरूप पहचान बना सके.







                                 



  • सौंदर्यीकरण, ठहराव और अधूरे कार्यों को लेकर रेल मंत्रालय को सौंपा गया ज्ञापन
  • मंदिरनुमा स्वरूप और प्रमुख ट्रेनों के ठहराव पर जोर, आंदोलन की भी चेतावनी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : डीडीयू-दानापुर रेलखंड के रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन के विकास, सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार को लेकर स्थानीय स्तर पर उठ रही मांग अब दिल्ली तक गूंजने लगी है. 19 मार्च को रेलयात्री कल्याण समिति के प्रतिनिधिमंडल ने रेल मंत्रालय में अधिकारियों से मुलाकात कर स्टेशन से जुड़ी समस्याओं और विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की. इस दौरान ट्रेनों के ठहराव, लंबित कार्यों में तेजी और स्टेशन के स्वरूप को बदलने जैसी कई महत्वपूर्ण मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया.

प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि रघुनाथपुर स्टेशन का विकास वाराणसी रेलवे स्टेशन की तर्ज पर किया जाए और इसे आकर्षक एवं भव्य रूप दिया जाए, ताकि यह क्षेत्र के धार्मिक महत्व के अनुरूप पहचान बना सके.

मंदिरनुमा स्वरूप तथा गोस्वामी तुलसीदास की प्रतिमा स्थापना का सुझाव
बैठक के दौरान शाखा संयोजक शंभु चंद्रवंशी ने बताया कि रघुनाथपुर का धार्मिक महत्व काफी व्यापक है. इसे ध्यान में रखते हुए स्टेशन भवन को मंदिरनुमा स्वरूप देने और मुख्य द्वार पर गोस्वामी तुलसीदास की भव्य प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह स्थल आकर्षण का केंद्र बन सके.

अमृत भारत स्टेशन विकास योजना में देरी की भी चर्चा
ज्ञापन में अमृत भारत स्टेशन विकास योजना के तहत स्वीकृत करीब 20.5 करोड़ रुपये की परियोजनाओं में हो रही देरी पर भी चिंता जताई गई. समिति ने कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की. साथ ही बलिया और आरा के बीच प्रस्तावित रेलमार्ग को रघुनाथपुर से जोड़ने का सुझाव दिया गया, जिससे दूरी कम होने के साथ क्षेत्रीय संपर्क और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

प्रमुख ट्रेनों के ठहराव तथा विस्तार की मांग
रेल सेवाओं के विस्तार को लेकर समिति ने जनशताब्दी एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, हावड़ा-अमृतसर मेल, कुम्भ एक्सप्रेस, उपासना एक्सप्रेस और पटना-कोटा एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई. इसके अलावा पटना से वाराणसी के बीच नई इंटरसिटी ट्रेन चलाने और झारखंड के प्रमुख शहरों से चलने वाली ट्रेनों को बक्सर तक विस्तारित करने का प्रस्ताव भी रखा गया.

विकास के लिए आंदोलन को भी तैयार है कल्याण समिति
मुलाकात के बाद समिति के पदाधिकारियों ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए जल्द निर्णय की उम्मीद जताई. दानापुर रेल मंडल के महामंत्री शैलेश ओझा ने कहा कि रघुनाथपुर समेत सभी स्टेशनों के समग्र विकास के लिए संगठन प्रतिबद्ध है और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा.

इस पहल पर समिति के सदस्य मनोज सिंह, अजय उपाध्याय, विंध्याचल शाही, भुवर सिद्दकी, विशाल सिंह, आनंद कुमार, रवि कुमार और राजकुमार ने हर्ष व्यक्त किया है.












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