कहा कि एक शिक्षक केवल पढ़ाने का कार्य ही नहीं करता, बल्कि समाज के भविष्य को गढ़ने का काम करता है. उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि वे अपने अंदर नैतिक मूल्यों, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को हमेशा बनाए रखें.
- डी.एल.एड. 2025–27 सत्रारंभ समारोह उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न
- संस्थान में नवप्रवेशित प्रशिक्षुओं ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का संकल्प लिया
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जी. डी. मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज में डी.एल.एड. 2025–27 सत्र के शुभारंभ को लेकर आयोजित कार्यक्रम उत्साहपूर्ण और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ. नए सत्र की शुरुआत के साथ ही प्रशिक्षुओं में शिक्षकीय जीवन की ओर बढ़ने का उत्साह साफ दिखाई दिया और कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के महत्व तथा शिक्षक की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया.
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसके बाद अतिथियों ने प्रशिक्षुओं को शिक्षा के क्षेत्र में जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया. मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शिक्षाविद डॉ. राजेश्वर मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि एक शिक्षक केवल पढ़ाने का कार्य ही नहीं करता, बल्कि समाज के भविष्य को गढ़ने का काम करता है. उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि वे अपने अंदर नैतिक मूल्यों, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को हमेशा बनाए रखें.
संस्थान के सचिव प्रदीप मिश्रा ने अपने संबोधन में संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार शिक्षक के रूप में तैयार किया जाता है. वहीं प्राचार्य डॉ. जे. आर. चौधरी ने नवप्रवेशित प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए सत्र की रूपरेखा और डी.एल.एड. प्रशिक्षण की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आने वाले दो वर्षों में प्रशिक्षुओं को शिक्षण की व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी, जिससे वे भविष्य में बेहतर शिक्षक बन सकें.
कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षुओं ने भी अपने शिक्षकीय जीवन की सफल शुरुआत का संकल्प लिया और शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की बात कही. पूरे कार्यक्रम के दौरान संस्थान का माहौल उत्साह और ऊर्जा से भरा रहा.
कार्यक्रम में फाउंडेशन स्कूल के प्रधानाचार्य मनोज त्रिगुण, एस. के. दुबे, अजय पाल, सुनील मिश्रा, अरविन्द सिंह, प्रकाश मिश्र, निशान्त मिश्र, प्रभाष, बी.एड. एवं डी.एल.एड. के प्रशिक्षु उपस्थित रहे. मंच संचालन दीपक एवं ऋतिका ने किया, जबकि अंत में धन्यवाद ज्ञापन अश्विनी कुमार ने प्रस्तुत किया.
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