शुरुआती दिनों में वह वहां फल का ठेला लगाकर अपना गुजारा कर रहा था, लेकिन कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह मानसिक रूप से असंतुलित हो गया. इसके बाद वह अचानक लापता हो गया, जिससे परिवार के लोग लगातार उसकी तलाश में जुटे रहे.
- मानसिक रूप से अस्थिर युवक को पहचान दिलाकर परिवार से मिलाया
- डुमरांव पुलिस की संवेदनशीलता ने बिछड़े रिश्तों को फिर जोड़ा
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले के डुमरांव में तीन साल से लापता युवक को पुलिस ने खोजकर उसके परिवार से मिलाया, जिससे एक बिछड़े परिवार में फिर से खुशियां लौट आईं. पुलिस की तत्परता और मानवीय पहल से यह संभव हो सका है. इस कार्य के लिए पुलिस की खूब सराहना हो रही है.
इस बाबत मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के सिद्धि जिले के रामपुर गांव निवासी सुमिरन कौल का 27 वर्षीय पुत्र छोटू कौल तीन वर्ष पूर्व रोजगार की तलाश में वाराणसी गया था. शुरुआती दिनों में वह वहां फल का ठेला लगाकर अपना गुजारा कर रहा था, लेकिन कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह मानसिक रूप से असंतुलित हो गया. इसके बाद वह अचानक लापता हो गया, जिससे परिवार के लोग लगातार उसकी तलाश में जुटे रहे.
इसी बीच बुधवार की रात डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा को सूचना मिली कि बंझू डेरा के पास एक युवक संदिग्ध हालत में घूम रहा है और अपना नाम-पता बताने में असमर्थ है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को थाने लाई. काफी मशक्कत के बाद पूछताछ में उसका सही नाम और पता ज्ञात हो सका, जिसके बाद पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया.
गुरुवार की सुबह युवक का भाई पंकज कौल डुमरांव पहुंचा और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद छोटू को अपने साथ घर ले गया. पंकज कौल ने बताया कि उनका भाई पिछले तीन वर्षों से लापता था. वह वाराणसी में फल का ठेला लगाता था, लेकिन मानसिक संतुलन बिगड़ने के कारण वहीं से गायब हो गया था. उसकी काफी तलाश की जा रही थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था. आज डुमरांव पुलिस की मदद से उनका भाई उन्हें पुनः मिल सका है.
थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि सूचना के आधार पर युवक को बरामद किया गया था. पूछताछ के दौरान उसने अलग-अलग नाम बताए, जिससे संदेह हुआ कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है. लगातार प्रयास के बाद उसकी सही पहचान हो सकी और परिजनों को सूचित किया गया.




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