बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर की अवर न्यायाधीश-सह-सचिव नेहा दयाल भी मौजूद रहीं. बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी लोक अदालत को सफल बनाना और अधिकतम वादों का निष्पादन सुनिश्चित करना रहा.
![]() |
| बैठक में मौजूद न्यायिक पदाधिकारी और पुलिसकर्मी |
- सुलह-समझौते के जरिए मामलों के निपटारे पर जोर, पुलिस को दिए गए अहम निर्देश
- समय पर नोटिस तामिला कर पक्षकारों को समझौते के लिए प्रेरित करने की अपील
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : लंबित मुकदमों से राहत दिलाने और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 09 मई 2026 को व्यवहार न्यायालय परिसर, बक्सर में वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी. इसको लेकर प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा सुलह-समझौते के आधार पर किया जा सके.
इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी देवेश कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी थाना अध्यक्षों ने भाग लिया. बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर की अवर न्यायाधीश-सह-सचिव नेहा दयाल भी मौजूद रहीं. बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी लोक अदालत को सफल बनाना और अधिकतम वादों का निष्पादन सुनिश्चित करना रहा.
बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि चिन्हित मामलों के दोनों पक्षकारों को समय पर नोटिस तामिला कराया जाए और उन्हें सुलह के माध्यम से विवाद समाप्त करने के लिए प्रेरित किया जाए. बताया गया कि यदि पक्षकारों को समय रहते जागरूक किया जाए तो बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा संभव है, जिससे न्यायालयों पर लंबित मुकदमों का बोझ भी कम होगा.
अधिकारियों ने यह भी कहा कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है, जहां बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के आपसी सहमति से विवादों का समाधान किया जा सकता है. इसके लिए सभी संबंधित विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता है.
बैठक में मौजूद सभी थाना अध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित मामलों के पक्षकारों तक नोटिस पहुंचाकर उन्हें लोक अदालत में भाग लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अवसर का लाभ उठा सकें.






.png)











0 Comments