कहा कि एजेंसी को बिना पूरी जांच और उचित प्रक्रिया के ही दोषी ठहराया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से नोटिस भेजकर वसूली का आदेश देना पूरी तरह से नियमों के विरुद्ध है.
- राहुल प्रकाश बोले—निष्पक्ष जांच हुई तो बड़े अधिकारी फंसेंगे
- रिट दायर कर विभागीय कार्रवाई को दी चुनौती, बढ़ी हलचल
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले में स्कूलों की सफाई से जुड़े कथित घोटाले ने अब बड़ा कानूनी मोड़ ले लिया है. विभागीय कार्रवाई के बाद संबंधित एजेंसी ने पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए रिट दायर कर दी है. मामले में एजेंसी के प्रोपराइटर राहुल प्रकाश ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई जाए, तो जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी और जांच अधिकारी तक इसकी जद में आ सकते हैं.
राहुल प्रकाश ने कहा कि एजेंसी को बिना पूरी जांच और उचित प्रक्रिया के ही दोषी ठहराया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से नोटिस भेजकर वसूली का आदेश देना पूरी तरह से नियमों के विरुद्ध है. बाद में आनन-फानन में ईमेल के जरिए नोटिस भेजा गया, जो इस बात का संकेत है कि प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि सफाई कार्य से जुड़े भुगतान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी की स्वीकृति के बाद ही जारी होते हैं. ऐसे में यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी केवल एजेंसी पर डालना उचित नहीं है. राहुल प्रकाश का दावा है कि इस पूरे मामले में कई स्तरों पर गड़बड़ी हुई है, जिसकी निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी.
एजेंसी ने अपनी रिट याचिका में न्यायालय से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और विभागीय कार्रवाई पर रोक लगाई जाए. वहीं, इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में भी हलचल तेज हो गई है.
उधर, विभागीय सूत्रों का कहना है कि पहले की जांच में कई विद्यालयों में बिना कार्य के भुगतान की पुष्टि हुई थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई. हालांकि, अब मामला न्यायालय में पहुंचने के बाद यह देखना अहम होगा कि जांच का रुख किस दिशा में जाता है और आखिरकार जिम्मेदारी किस पर तय होती है.






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