खबर का असर : सफाई घोटाले में बड़ा एक्शन, बिना काम भुगतान लेने वाली कंपनी ब्लैकलिस्ट ..

विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की शिकायत के बाद गठित जांच समिति ने स्पष्ट किया कि कई स्कूलों में जनवरी 2025 से सितंबर 2025 तक कोई सफाई कार्य नहीं हुआ, फिर भी एजेंसी द्वारा फर्जी नामों पर बिल बनाकर भुगतान लिया गया. 





                               


- बक्सर टॉप न्यूज की खबर का असर, जांच के बाद एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई
- 70 लाख तक गड़बड़ी की चर्चा, बड़े अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले में स्कूलों की सफाई के नाम पर हुए फर्जी भुगतान मामले में बड़ा एक्शन हुआ है. बिना काम के भुगतान लेने वाली एजेंसी M/S R.S. Enterprises को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है. इस मामले को बक्सर टॉप न्यूज ने प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद विभाग ने जांच कर कार्रवाई की.

जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की शिकायत के बाद गठित जांच समिति ने स्पष्ट किया कि कई स्कूलों में जनवरी 2025 से सितंबर 2025 तक कोई सफाई कार्य नहीं हुआ, फिर भी एजेंसी द्वारा फर्जी नामों पर बिल बनाकर भुगतान लिया गया.

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ विद्यालय, जैसे नवसृजित प्राथमिक विद्यालय यादव टोला बलुआं, पहले ही दूसरे विद्यालय में विलय हो चुका था, इसके बावजूद उसके नाम पर भी भुगतान निकाला गया. इससे साफ है कि एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा था.

रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने एजेंसी द्वारा प्राप्त 1 लाख 75 हजार 750 रुपये को अवैध घोषित करते हुए उसे 12.5 प्रतिशत ब्याज के साथ तीन दिनों में सरकारी कोष में जमा करने का आदेश दिया है. साथ ही कुल राशि पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है.

सबसे बड़ी कार्रवाई के तहत एजेंसी का एकरारनामा तत्काल प्रभाव से रद्द कर उसे काली सूची में डाल दिया गया है. वहीं, तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ब्रह्मपुर की संलिप्तता भी सामने आने के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है.

सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले में करीब 70 लाख रुपये तक की गड़बड़ी की आशंका है, जिससे जांच का दायरा और बढ़ सकता है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस घोटाले की आंच बड़े अधिकारियों तक भी पहुंचेगी, क्योंकि भुगतान की अंतिम स्वीकृति उच्च स्तर से ही होती है.

फिलहाल इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप है और अब सभी की नजर आगे होने वाली जांच और संभावित बड़ी कार्रवाई पर टिकी है.












Post a Comment

0 Comments