वीडियो : "स्नेक सेवर" की मदद से दो सांपों का हुआ रेस्क्यू ..

बताया कि यह बिल्कुल भी जहरीला नहीं होता है और एक तरह से किसानों का मददगार भी होता है. उन्होंने बताया कि खेत में जो चूहे होते हैं, उन्हें यह अपना शिकार बनाते हैं, जिससे किसानों की फसल की रक्षा हो जाती है.

अपनी टीम के साथ हरिओम 





                               



  • स्नेक सेवर हरिओम ने नाग प्रजाति के सांप के साथ ही दो सांपों का किया रेस्क्यू
  • लोगों को किया जागरूक, सांप काटने पर तंत्र-मंत्र नहीं पहले इलाज की आवश्यकता

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले में स्नेक सेवर के नाम से मशहूर हरिओम चौबे ने शुक्रवार को एक बार फिर खलिहान में रखे पुआल के बीच छिपे एक सांप के साथ ही पांडेय पट्टी में भी एक घर में छिपे सांप को रेस्क्यू किया है. उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुल्हाड़िया गांव में पुआल के बीच एक सांप छिपा हुआ है. सूचना पर वह अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे और उन्होंने नाग प्रजाति के उस सांप को रेस्क्यू किया. उन्होंने कहा कि यह बेहद खतरनाक सांप होता है और इसके काटने से हर वर्ष हजारों लोगों की मौत होती है.

हरिओम ने बताया कि इसके बाद पांडेय पट्टी गांव में एक सांप देखे जाने की सूचना मिली. लोगों की सूचना पर वह घर में पहुंचे, जहां एक धामिन सांप को रेस्क्यू किया गया. उन्होंने बताया कि यह बिल्कुल भी जहरीला नहीं होता है और एक तरह से किसानों का मददगार भी होता है. उन्होंने बताया कि खेत में जो चूहे होते हैं, उन्हें यह अपना शिकार बनाते हैं, जिससे किसानों की फसल की रक्षा हो जाती है.

सांप काटने पर तंत्र-मंत्र नहीं, इलाज की होती है जरूरत

हरिओम ने कहा कि सांप काटने के बाद लोग तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ तो करते हैं, लेकिन उचित इलाज नहीं कराते, जबकि सांप काटने पर तुरंत एंटी वेनम का इंजेक्शन लेने की आवश्यकता होती है. उन्होंने कहा कि यदि सांप जहरीला नहीं भी हो, तो भी चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक होता है और टेटनस का इंजेक्शन लेना ही होता है.

हर वर्ष 300 से ज्यादा लोगों की हो जाती है मौत

हरिओम ने बताया कि बक्सर जिले में ही हर वर्ष 300 से ज्यादा लोगों की मौत सांप काटने की वजह से हो जाती है. उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी अमन समीर से मिलकर यह अनुरोध किया था कि सभी प्राथमिक अस्पतालों में एंटी वेनम इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए. लेकिन अब भी सभी अस्पतालों में एंटी वेनम इंजेक्शन नहीं होने की वजह से लोगों को सदर अस्पताल आना पड़ता है, और इस दौरान उनकी मौत भी हो जाती है.

अब तक 7 हजार से ज्यादा सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं हरिओम

जिले के सदर प्रखंड के दलसागर गांव निवासी हरिओम ने अब तक 7000 से ज्यादा सांपों का रेस्क्यू किया है. वह पिछले एक दशक से अधिक समय से यह काम कर रहे हैं. उन्होंने बेसहारा जानवरों के प्रति भी सहानुभूति दिखाते हुए उनके लिए एक रेस्क्यू सेंटर बनाया है, जहां वह बीमार तथा घायल जानवरों को रखते हैं और उनकी मदद करते हैं. उन्होंने बताया कि सामाजिक सहयोग की मदद से वह यह काम कर पाते हैं. हालांकि, अगर सरकारी सहयोग मिले तो बेजुबानों को काफी सहायता मिल सकती है.

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