संघ की ओर से डुमरांव व्यवहार न्यायालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने एवं भवन निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग भी रखी गई. अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायिक कार्यों के सुचारु संचालन के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार जरूरी है.
- वामन भगवान की मुक्ति से लेकर रेलवे कोर्ट तक, न्यायालय परिसर में गूंजे मुद्दे
- दो दिवसीय दौरे पर बक्सर पहुंचीं न्यायमूर्ति सोनी श्रीवास्तव, सुविधाओं के विस्तार पर हुआ विमर्श
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : न्यायमंडल की निरीक्षी न्यायाधीश सोनी श्रीवास्तव शुक्रवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर बक्सर पहुंचीं. उनके आगमन को लेकर न्यायालय परिसर में विशेष हलचल रही. निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने न्यायालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा संबंधित अधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. इस दौरान न्यायिक कार्यों में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और उनके समाधान को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया.
निरीक्षी न्यायाधीश के स्वागत में जिला अधिवक्ता संघ की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया गया. संघ के पदाधिकारियों ने उन्हें अग्रवस्त्र, शॉल, लेखनी, मिष्ठान एवं भगवान वामन का चित्र भेंट कर स्वागत किया. इस दौरान अधिवक्ताओं ने भगवान वामन को कारा से मुक्त कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई. इस विषय पर न्यायमूर्ति सोनी श्रीवास्तव ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि मामले में जल्द ही सकारात्मक पहल करने का प्रयास किया जाएगा.
डुमरांव व्यवहार न्यायालय के लिए जमीन और भवन निर्माण की मांग
अधिवक्ता संघ की ओर से डुमरांव व्यवहार न्यायालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने एवं भवन निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग भी रखी गई. अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायिक कार्यों के सुचारु संचालन के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार जरूरी है. निरीक्षी न्यायाधीश ने मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक पहल का भरोसा दिया.
एडवोकेट्स हॉल, रेलवे कोर्ट और एटीएम की भी उठी मांग
न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए एडवोकेट्स हॉल निर्माण की मांग भी की गई. इस पर न्यायाधीश ने भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. इसके साथ ही रेलवे कोर्ट, ट्रैफिक कोर्ट, एटीएम तथा पोस्ट ऑफिस की शाखा खोलने की मांग भी संघ की ओर से रखी गई, ताकि न्यायालय परिसर में आने वाले लोगों को सुविधाएं मिल सकें.
इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बबन ओझा, महासचिव विंदेश्वरी प्रसाद पांडेय, कोषाध्यक्ष रवि सिन्हा, सहायक सचिव राजेश रंजन, समन्वयक राकेश चन्द्र ओझा, कार्यकारिणी सदस्य रूपेश मिश्रा सहित कई अधिवक्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे.






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