अच्छे कर्मों से ही बनती है मनुष्य की पहचान : प्रेमाचार्य पीताम्बर जी महाराज ..

कहा कि व्यक्ति जैसे कर्म करता है, उसी अनुरूप उसे फल प्राप्त होता है. कथा के दौरान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह उत्सव की मनोहारी झांकी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया.

 





                               


  • श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह उत्सव की झांकी देख भावविभोर हुए श्रद्धालु
  • महारास लीला और गोपी-उद्धव संवाद का हुआ भावपूर्ण वर्णन 

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : नगर के बस स्टैंड के समीप स्थित सुविधा मेडिकल एजेंसी परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला. व्यास पीठ से कथा वाचन करते हुए परम पूज्य प्रेमाचार्य पीताम्बर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य के कर्म ही उसके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं और अच्छे कर्मों का फल सदैव अच्छा ही होता है. उन्होंने कहा कि व्यक्ति जैसे कर्म करता है, उसी अनुरूप उसे फल प्राप्त होता है. कथा के दौरान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह उत्सव की मनोहारी झांकी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया.

कथाक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद प्रेमाचार्य पीताम्बर जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया. उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य महारास लीला का वर्णन करते हुए कहा कि यह लीला इतनी अलौकिक और दिव्य है कि स्वयं भोलेनाथ भी भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन के लिए गोकुल पहुंच गए थे. कथा के दौरान भक्तिमय माहौल में श्रद्धालु पूरी तरह भक्ति रस में डूबे नजर आए.

मथुरा गमन प्रसंग का वर्णन करते हुए महाराज जी ने बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण को लेने चाचा अक्रूर जी गोकुल पहुंचे और भगवान मथुरा के लिए रवाना होने लगे, तब समस्त ब्रज की गोपियां उनके रथ के आगे खड़ी हो गईं. इस प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं. वहीं गोपी-उद्धव संवाद और श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह उत्सव पर प्रस्तुत आकर्षक झांकियों ने कथा स्थल को भक्तिमय बना दिया.

प्रेमाचार्य पीताम्बर जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य मार्ग है. उन्होंने कहा कि अच्छे कर्म करने से ही मनुष्य का उद्धार संभव है और अच्छी संगत जीवन को नई दिशा देती है. भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं तथा उसे भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श जीवन से प्रेरणा मिलती है.

आज की कथा में समाजसेवी विजय कुमार मिश्र, मेजर डॉ पी०के० पांडेय, धनंजय मिश्र, मृत्युंजय तिवारी, सोनू राय, प्रकाश पांडेय, संतोष उपाध्याय वार्ड पार्षद चक्रवर्ती चौधरी, प्रो० श्याम मिश्र, भोला चौबे, गुड्डू राय, विकास चौबे और सोनू बिहारी चौबे की उपस्थिति उल्लेखनीय रही. इस अवसर पर मुख्य यजमान आशुतोष मिश्रा, रेणु मिश्रा, आदित्य कुमार मिश्रा, अतुल कुमार मिश्रा सहित समस्त मिश्रा परिवार और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे.














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