प्रतापसागर क्षेत्र में एक दुकान का सीमेंटेड शेड उखड़ गया, जबकि सिद्धनाथ घाट के पास विशालकाय पेड़ और बिजली का खंभा सड़क पर गिर पड़ा. इसके कारण घंटों यातायात बाधित रहा और अब तक कई इलाकों की बिजली आपूर्ति ठप है.
- प्रताप सागर में कालिका ढाबा का शेड उखड़ा, लाखों का नुकसान
- सिद्धनाथ घाट के पास बिजली का खंभा गिरने से अभी तक बाधित है विद्युत आपूर्ति
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: शुक्रवार दोपहर आई तेज धूलभरी आंधी ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक भारी तबाही मचाई. प्रताप सागर क्षेत्र में एक दुकान का सीमेंटेड शेड उखड़ गया, जबकि सिद्धनाथ घाट के पास विशालकाय पेड़ और बिजली का खंभा सड़क पर गिर पड़ा. इसके कारण घंटों यातायात बाधित रहा और अब तक कई इलाकों की बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लोगों के सामने पीने के पानी तक की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है.
प्रताप सागर स्थित ‘कालिका ढाबा’ नामक चाय-नाश्ते की दुकान आंधी की चपेट में आ गई. तेज हवा के दबाव से दुकान का भारी सीमेंटेड शेड उखड़कर गिर पड़ा, जिससे दुकान की एक दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई. दुकानदार सुबोध राय ने बताया कि आंधी के वक्त वह दुकान के अंदर मौजूद थे. अचानक तेज आवाज के साथ शेड टूटने लगा तो वह जान बचाकर बाहर भागे. इस घटना में दुकान के अंदर रखा फ्रीजर सहित अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया. उन्होंने बताया कि इस हादसे में उन्हें लाखों रुपयों का नुकसान हुआ है.
इधर, पुराना गर्ल्स हाई स्कूल परिसर में लगा विशालकाय पेड़ बिजली के तार पर गिर पड़ा. पेड़ का दबाव इतना अधिक था कि सिमेंटेड बिजली का खंभा टूटकर सड़क पर गिर गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के समय सड़क पर काफी भीड़ थी और वाहन तेज रफ्तार में गुजर रहे थे, लेकिन संयोग अच्छा रहा कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.
घंटों प्रभावित रहा आवागमन, पानी संकट से लोग परेशान
स्थानीय निवासी मुन्ना कुमार ने बताया कि सिद्धनाथ घाट जाने वाली सड़क हमेशा व्यस्त रहती है. इसी रास्ते से वेलनेस सेंटर, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, मंदिर, गंगा घाट, गोला बाजार, सारिमपुर, अहिरौली और मंझरिया गांव के लोग आवाजाही करते हैं. पेड़ और बिजली का खंभा गिरने के कारण करीब तीन से चार घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और वाहन चालकों को रास्ता बदलकर जाना पड़ा.
सुरेश कुमार ने बताया कि घटना की सूचना तत्काल बिजली कंपनी और वन विभाग को दी गई. देर शाम तक सड़क से पेड़ और बिजली का पोल हटाने का कार्य चलता रहा. वहीं, सिद्धनाथ घाट के पास बिजली का खंभा गिरने से कई मोहल्लों की विद्युत आपूर्ति अभी तक बाधित है. बिजली नहीं रहने से लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है और दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं.
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर Pradesh और बिहार के आसपास बने चक्रवातीय परिसंचरण तथा बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण थंडरस्टॉर्म की स्थिति बनी है. इसी वजह से तेज हवाओं के साथ आंधी आई. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों के दौरान बिहार के कई जिलों में फिर से तेज आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है. प्रशासन ने लोगों से आंधी के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है.






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