दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और हाथापाई शुरू हो गई. इस घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई. घटना में कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की सूचना है. मामले की जानकारी मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया.
- तीन चरणों में हुई हाथापाई से कार्यक्रम स्थल पर मचा हड़कंप, कई कार्यकर्ताओं के चोटिल होने की सूचना
- चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल, विंध्याचल सिंह कुशवाहा ने निष्पक्षता की मांग की
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : राष्ट्रीय लोक मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान रविवार को शहर के बाईपास रोड स्थित एसएस पैलेस में आयोजित कार्यक्रम अचानक तनाव का केंद्र बन गया. चुनावी प्रक्रिया के बीच दो दावेदारों के समर्थकों के बीच शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में इतना बढ़ गया कि माहौल पूरी तरह गरमा गया. स्थिति यहां तक पहुंच गई कि दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और हाथापाई शुरू हो गई. इस घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई. घटना में कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की सूचना है. मामले की जानकारी मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया.
मौजूद लोगों के अनुसार जिलाध्यक्ष पद को लेकर धन जी कुशवाहा और विंध्याचल सिंह कुशवाहा समर्थक गुटों के बीच पहले बहस शुरू हुई थी. शुरुआती कहासुनी धीरे-धीरे तेज होती गई और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया. विवाद इतना बढ़ गया कि तीन अलग-अलग चरणों में समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट की घटनाएं हुईं. मौके पर मौजूद कई लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन स्थिति कुछ समय तक नियंत्रण से बाहर बनी रही.
विवाद के बीच विंध्याचल सिंह कुशवाहा समर्थक गुट ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए. समर्थकों का आरोप था कि चुनाव प्रभारी एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता आरके सिन्हा द्वारा प्रक्रिया में पक्षपात किया जा रहा था. इसे लेकर कार्यकर्ताओं में असंतोष और नाराजगी बढ़ती चली गई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा को घटना की जानकारी दी और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की. करीब एक घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज घटनाक्रम के बाद राज्यस्तरीय नेताओं की पहल पर माहौल शांत हुआ. लगातार बढ़ते विवाद को देखते हुए अंततः जिलाध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया को रद्द करने का निर्णय लिया गया.
इस संबंध में विंध्याचल सिंह कुशवाहा ने कहा कि उनका मकसद संगठन को मजबूत बनाना है, लेकिन चुनाव पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के रवैये के कारण कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष पैदा हुआ. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, उसका सम्मान किया जाएगा.
पार्टी नेताओं ने भी संगठन की एकता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि आपसी मतभेदों को बातचीत से सुलझाना जरूरी है, ताकि पार्टी की मजबूती प्रभावित न हो.
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