वीडियो : आरा-बक्सर एमएलसी उपचुनाव में आरजेडी की जीत, सोनू राय ने लहराया जीत का परचम ..

चुनाव में जदयू के बागी उम्मीदवार मनोज कुमार उपाध्याय भी चर्चा के केंद्र में रहे. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निर्दलीय मैदान में उतरकर उन्होंने एनडीए के वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी की, जिसका सीधा फायदा सोनू राय को मिला.






                               


- बागी उम्मीदवार ने बिगाड़ा एनडीए का खेल, समर्थकों में जश्न
- मनोज उपाध्याय बोले- धनबल और बाहुबल की हुई हार

बक्सर टॉप न्यूज, आरा/बक्सर : भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव में महागठबंधन समर्थित राजद उम्मीदवार सोनू राय ने शानदार जीत दर्ज करते हुए एनडीए को बड़ा झटका दिया है. उन्होंने जदयू उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद को 300 से अधिक मतों के अंतर से पराजित कर सीट दिया. हालांकि अभी आखिरी राउंड के गिनती के आंकड़े नहीं आए हैं अगर वह आते हैं तो माना जा रहा है की जीत का अंतर और भी बड़ा होगा. परिणाम घोषित होते ही आरा और बक्सर में राजद कार्यकर्ताओं ने अबीर-गुलाल उड़ाकर और पटाखे फोड़कर जीत का जश्न मनाया.

यह उपचुनाव पूर्व एमएलसी राधाचरण साह के इस्तीफे के बाद कराया गया था. राधाचरण साह संदेश विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित होने के बाद विधान परिषद की सदस्यता छोड़ चुके थे. चुनाव में जदयू के बागी उम्मीदवार मनोज कुमार उपाध्याय भी चर्चा के केंद्र में रहे. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निर्दलीय मैदान में उतरकर उन्होंने एनडीए के वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी की, जिसका सीधा फायदा सोनू राय को मिला.

मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. जीत की आधिकारिक घोषणा के बाद निर्वाचन पदाधिकारी ने सोनू राय को जीत का प्रमाण पत्र सौंपा. इस परिणाम के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और एनडीए खेमे में हार के कारणों को लेकर मंथन तेज हो गया है.


इस जीत के बाद उत्साहित सोनू राय के समर्थक ने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव होना ही इस जीत का कारण है उन्होंने कहा कि "यह लोकतंत्र और बैलट पेपर की जीत है. बैलट पेपर से निष्पक्ष चुनाव संभव है. जनता ने इस बार सच्चाई का साथ दिया है. यह हर धारा और बक्सर के एनडीए के सभी जनप्रतिनिधियों की भी है.

वीडियो : समर्थक सोनू राय : 


निर्दलीय प्रत्याशी मनोज उपाध्याय ने कहा कि “जो परिणाम सामने आया है, वह बहुत अच्छा है. यह एक साधारण कार्यकर्ता की जीत है. कार्यकर्ता जीता है और लोगों ने उन्हें नकारा है. मेरा जो नारा था कि ‘धनबल हारेगा’, आज वह सच साबित हुआ है और धनबल की हार हुई है. यह कार्यकर्ता की पीड़ा की जीत है. जितने भी प्रतिनिधियों ने मुझे अपना आशीर्वाद और समर्थन दिया है, मैं उन सभी का हृदय से आभारी हूँ.”

वीडियो : मनोज उपाध्याय














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