कहा कि वर्तमान समय में सरकारी कामकाज की मात्रा पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है. इसकी एक बड़ी वजह यह है कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं तथा वर्षों से लंबित और दबे हुए मामलों को सामने लाकर उनका निपटारा किया जा रहा है.
- छह माह में लगाया 35वां जनता दरबार, जमीन विवाद से लेकर बिजली और पुलिस मामलों तक पहुंचे लोग
- सहयोग पोर्टल की सराहना, कहा - पारदर्शिता बढ़ने से बढ़ा काम का बोझ, इसे अक्षमता नहीं माना जाए
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : सदर विधायक आनंद मिश्र ने अपने 35वें जनता दरबार के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हुए कहा कि उनका लक्ष्य ऐसा सिस्टम विकसित करना है, जिसमें आम नागरिकों को अपने कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाएं समयबद्ध और पारदर्शी हों, ताकि जनता को सीधे राहत मिल सके.
विधायक ने बताया कि पिछले छह महीनों में आयोजित यह उनका 35वां जनता दरबार था. इस दौरान करीब 35 विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई. इनमें जमीन विवाद, शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दे, बिजली विभाग की शिकायतें, पुलिस प्रशासन से संबंधित मामले, निजी सहायता और रोजगार संबंधी आवेदन प्रमुख रूप से शामिल रहे. उन्होंने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनके समाधान की दिशा में पहल करना है.
आनंद मिश्र ने बिहार में बढ़ते कार्यभार को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सरकारी कामकाज की मात्रा पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है. इसकी एक बड़ी वजह यह है कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं तथा वर्षों से लंबित और दबे हुए मामलों को सामने लाकर उनका निपटारा किया जा रहा है. ऐसे में काम का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन इसे सरकारी अक्षमता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि समाज में धीरे-धीरे यह धारणा बदल रही है कि बिना पैसे के सरकारी काम नहीं हो सकता. उन्होंने स्वीकार किया कि कई मामलों में लंबित फाइलों और बढ़ती पेंडेंसी के कारण देरी होती है, लेकिन सरकार और विशेष सतर्कता इकाई (एसवीयू) लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रही है. उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से भी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करने की अपील की.
विधायक ने मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किए गए सहयोग पोर्टल की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था लोगों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने में मददगार साबित हो रही है. उनके अनुसार यह पोर्टल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और सरकारी कामकाज को अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसी पहलें बिहार के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करेंगी.
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